मुख्यमंत्री के दौरे के चंद घंटों पहले जबलपुर में चली गोलियां, बदमाशों के दो गुटों में विवाद, दो घायल

जबलपुर में गैंगवार, कुख्यात गोपी गैंग की फायरिंग में बदमाशों के गुट के दो सदस्य घायल, अस्पताल में भर्ती, जुए की रकम को लेकर हुआ विवाद, बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री जबलपुर के दौरे पर हैं

Updated: Jul 07, 2021, 12:15 PM IST

मुख्यमंत्री के दौरे के चंद घंटों पहले जबलपुर में चली गोलियां, बदमाशों के दो गुटों में विवाद, दो घायल
Photo Courtesy: Bhaskar

जबलपुर। प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के दौरे के चंद घंटों पहले शहर में दो गुटों में फायरिंग का मामला सामने आया है। वह पुलिस से केवल 100 मीटर की दूरी पर। दमोह नाका के पास ही मेट्रो अस्पताल से 100 मीटर दूरी पर ही गोहलपुर पुलिस खड़ी थी। जहां मंगलवार देर रात जुए की रकम को लेकर बदमाशों के दो गुटों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा की एक गुट ने दूसरे गुट पर फायरिंग कर दी। जिसमें एक गुट के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दमोह नाका में मंगलवार देर रात इस फायरिंग से हड़कंप मच गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक गुट का बदमाश वारिश मिश्रा अपने कुछ साथियों के साथ चाय पीने गया था। इस इलाके में चाय दुकान अस्पताल के पास होने की वजह से रात में भी खुली रहती है। वारिश के साथ रूपेश उपाध्याय, शिवा ठाकुर, संतु साहू और मान्या पासी भी दुकान पर मौजूद थे। उसी वक्त चाय दुकान पर दूसरे बदमाशों की गैंग पहुंची और वारिश पर फायरिंग कर दी। बदमाशों की गैंग की पहचान नितिन, मनीष, गोपी और हनी के रुप में हुई है। गोपी गैंग के बदमाशों की गोली वारिश के हाथ और पैर में लगी। इसी घटना में उसका एक साथी सत्येंद्र भी घायल हो गया।

बदमाशों की गोली की आवाज सुनकर काफी देर बाद पुलिस वहां पहुंची। पुलिस को देखते ही बंदूक लहराते हुए आरोपी भाग खड़े हुए। आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई है। पुलिस इनकी जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। वहीं घटना के बाद घायल को जबलपुर के रसल चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।

पुलिस ने आरोपी बदमाशों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज कर लिया है। बदमाशों की तलाश की जा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की 75 वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। उससे पहले इस तरह की घटना से शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।