खुजनेर पहुंची सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, दिग्विजय सिंह ने दिया प्रेम और सद्भाव का संदेश
दिग्विजय सिंह यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, प्रेम, करुणा, दया और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं।
राजगढ़। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा बुधवार को गुलावता से आगे बढ़ते हुए खुजनेर पहुंची। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह साधु-संतों और अन्य सहभागियों के साथ पदयात्रा करते हुए विभिन्न गांवों से गुजरे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और सत्य, सनातन धर्म के सम्मान तथा सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
बुधवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह गुलावता स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर से पदयात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा शेरपुरा, ईचावदा, शंकर नगर, भैंसवा माता मंदिर जोड़ और ग्राम धामंदा स्थित सामुदायिक भवन होते हुए आगे बढ़ी। दोपहर में भोजन और विश्राम के बाद यात्रा का अगला चरण शुरू हुआ। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने ग्राम आमला स्थित श्री हनुमान मंदिर में दर्शन किए। यात्रा ग्राम चिड़लावनिया तक पहुंची, जहां से खुजनेर नगर के लिए प्रस्थान किया गया। रात्रि भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था खुजनेर स्थित मेड़तवाल वैश्य समाज धर्मशाला में की गई है।
दिग्विजय सिंह यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, प्रेम, करुणा, दया और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। उनका कहना है कि सभी धर्मों का सम्मान करना और समाज में भाईचारे की भावना बनाए रखना जरूरी है। धर्म के नाम पर नफरत और कटुता फैलाने के बजाय उसके मूल मानवीय मूल्यों को आत्मसात किया जाना चाहिए।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के माध्यम से धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के दान, चढ़ावे और मंदिरों की संपत्तियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही है। यात्रा में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और सोने-चांदी की ईंटों का हिसाब सार्वजनिक करने तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। इसके साथ ही मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया जा रहा है।
20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई लगभग 930 किलोमीटर की यह पदयात्रा ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के जरिए सत्य, न्याय, धार्मिक आस्था के सम्मान, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।




