PM मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में दिल्ली पुलिस सख्त, X से मांगी अकाउंट होल्डर्स की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों के मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने X को पत्र भेजकर आपत्तिजनक पोस्ट तत्काल हटाने और आरोपी यूजर्स का पर्सनल डेटा सौंपने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पत्र भेजकर संबंधित पोस्ट और वीडियो तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन पोस्ट को साझा करने वाले अकाउंट होल्डर्स की पहचान से जुड़ी जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, लॉगिन-लॉगआउट का रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।
दिल्ली पुलिस ने प्लेटफॉर्म से यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित पोस्ट, वीडियो और उनसे जुड़ा डिजिटल डेटा भविष्य की जांच के लिए सुरक्षित रखा जाए। ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान आवश्यक तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध रह सकें। पुलिस का कहना है कि इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अकाउंट गतिविधियों की जानकारी जांच का अहम हिस्सा होगी।
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यह कार्रवाई उन सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के संबंध में की जा रही है जो 20 जुलाई को आयोजित संसद चलो मार्च और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान तथा उसके बाद ऑनलाइन साझा किए गए थे। पुलिस के अनुसार, इन पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुरक्षा बलों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 27 जुलाई को एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर ऐसे पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश दिए थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों वाले कई पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स हटाए भी जा चुके हैं। हालांकि, निगरानी अभियान अभी भी जारी है और साइबर व सोशल मीडिया टीमें लगातार नए कंटेंट की समीक्षा कर रही हैं।
पुलिस ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स के संबंध में भी जानकारी मांगी है जिन्होंने आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी। इनमें कुछ न्यूज़ पोर्टल्स के सोशल मीडिया अकाउंट भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितने अकाउंट्स को नोटिस भेजे गए हैं। जांच एजेंसियां विरोध प्रदर्शन से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट की समीक्षा कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कानून का उल्लंघन, भ्रामक जानकारी या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री तो प्रसारित नहीं की गई। इसी क्रम में पुलिस पहले यह भी दावा कर चुकी है कि उसने विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी अफवाहें, झूठी सूचनाएं और डीपफेक वीडियो फैलाने वाले पाकिस्तान से जुड़े 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की है।
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इस बीच एक दिन पहले केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े एक वीडियो को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया था और फेसबुक पर उसकी पहुंच सीमित करने को कहा था। बाद में मेटा ने संबंधित वीडियो को दोबारा प्लेटफॉर्म पर बहाल (रीस्टोर) कर दिया था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। जांच में जुटी टीमें तकनीकी साक्ष्यों और प्लेटफॉर्म से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगी।




