देश में लग सकती है इमरजेंसी, मोदी 1 साल के भीतर छोड़ेंगे प्रधानमंत्री का पद: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि आप सोच रहे हैं कि निर्वाचन आयोग तो पूरी तरह नियंत्रित है। तीन साल पहले नियंत्रित था। अब मुझे मुख्य चुनाव आयुक्त के मैसेज आ रहे हैं।
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक दावे ने सियासत में भूचाल ला दिया है। उन्होंने कहा चीजों को नियंत्रित करने का सिस्टम अब ध्वस्त हो रहा है और उनका अंदाजा है कि एक साल के भीतर नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह दावा भी किया कि अब सरकार के भीतर से ही 'संस्थागत विद्रोह' शुरू हो रहा है और बहुत बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों के विरोध से इमरजेंसी भी लग सकती है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि एक तरफ भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है और दूसरी तरफ ‘सिस्टम’ के भीतर ही 'संस्थागत विद्रोह' हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है क्योंकि इस सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने वाले कवच को ही हटा दिया है...इतनी भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है कि आप लोगों ने अपनी जिंदगी में नहीं देखा होगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि आप सोच रहे हैं कि निर्वाचन आयोग तो पूरी तरह नियंत्रित है। तीन साल पहले नियंत्रित था। अब मुझे मुख्य चुनाव आयुक्त के संदेश आ रहे हैं, खुफिया सिस्टम के प्रमुख और उच्च न्यायपालिका के लोगों की तरफ से विद्रोह हो रहा है, मुझे संदेश आ रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि चीजों को नियंत्रित करने का जो ‘सिस्टम’ था, वह ध्वस्त हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य मंत्रियों के बारे में जानकारियां आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह भी हो सकता है कि ये लोग जनता के दबाव को कुचलने के लिए आपातकाल जैसा कदम उठा दे। उनका कहना था कि अब चीजें सरकार के नियंत्रण से बाहर जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जब वह प्रधानमंत्री के पास जाते हैं तो प्रधानमंत्री उनके साथ आंख से आंख मिलाकर बात नहीं कर पाते।




