महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं ने रची थी सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश, गिरफ्तार आरोपी ने किया खुलासा

झारखंड पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को भारी कैश के साथ गिरफ्तार किया था, पुलिस का दावा था कि ये सभी झारखंड की सरकार को गिराने की साजिश में शामिल थे, अब एक आरोपी ने महाराष्ट्र बीजेपी के दो नेताओं के नाम कबूले हैं, उनमें से एक महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर राव बावनकुले हैं

Updated: Jul 26, 2021, 02:57 PM IST

महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं ने रची थी सोरेन सरकार को अस्थिर करने की साजिश, गिरफ्तार आरोपी ने किया खुलासा

मुंबई/रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर किए जाने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक आरोपी अभिषेक दुबे ने सोरेन सरकार को अस्थिर करने के मामले में महाराष्ट्र बीजेपी के दो नेताओं और एक कारोबारी का नाम कबूला है। 

इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा नाम महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश महासचिव और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर राव बावनकुले का उजागर हुआ है। चंद्रशेखर राव के साथ साथ बीजेपी नेता चरण सिंह और एक कारोबारी जय बेलखेड़े का नाम सामने आया है। आरोपी ने झारखंड पुलिस के सामने यह खुलासा किया है कि इन तीनों ने झारखंड सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची थी। 

पैसे नहीं मिले, इसलिए नाराज़ होकर वापिस लौट आए विधायक 

खुलासे के मुताबिक इन तीनों ने दिल्ली में बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ झारखंड सरकार को समर्थन देने वाले तीनों विधायकों की मुलाकात कराई थी। लेकिन ये तीनों विधायक एक करोड़ रुपए एडवांस न मिलने की वजह से दिल्ली से रांची वापिस लौट आए।आरोपी के इस खुलासे के बाद झारखंड में सियासी भूचाल आ गया है। जिन तीन विधायकों को दिल्ली ले जाकर बीजेपी के नेताओं से मुलाकात कराई जाने का दावा किया जा रहा है, वे बरही और जामताड़ा से कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला और इरफान अंसारी और एक निर्दलीय विधायक अमित यादव का नाम शामिल है। 

इस पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए अभिषेक दुबे ने कहा है कि 15 जुलाई को दिल्ली का टिकट मिला था। 15 जुलाई को वह अमित सिंह और निवारण महतो के साथ दिल्ली गया था। इंडिगो की उसी फ्लाइट में तीन बागी विधायक भी दिल्ली गए थे। तीनों विधायकों को दिल्ली में द्वारका के पांच सितारा होटल विवांता में ठहराया गया। इसी होटल में महाराष्ट्र के बीजेपी नेताओं ने विधायकों की मुलाकात बीजेपी के बड़े नेताओं से कराई। एक करोड़ एडवांस देने की बात हुई, लेकिन जब विधायकों को पैसे नहीं मिले तब वे नाराज होकर वापिस रांची लौट आए।

विधायकों ने कबूली दिल्ली जाने की बात 

आरोपी अभिषेक दुबे के खुलासे के बीच विधायकों ने दिल्ली जाने की बात कबूली है। लेकिन विधायकों ने हॉर्स ट्रेडिंग के दावों को सिरे से खारिज किया है। हिंदी के एक प्रमुख अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि विधायकों के मुताबिक कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को अपने पिता से मिलने दिल्ली जाना था और अमित यादव को अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए दिल्ली जाना था। इसीलिए तीनों विधायक एक साथ दिल्ली गए थे। 

बीजेपी नेताओं की सफाई 

 हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप झेल रहे महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर राव ने सफाई में यह कहा है कि वे 19 जुलाई से उत्तर महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। वहीं बीजेपी नेता चरण सिंह ने भी एक हिंदी अखबार को दिए अपनी सफाई में कहा है कि वे अपने निवास पर हैं। झारखंड जाने की फुरसत किसे है। जबकि कारोबारी जय बेलखेड़े की तरफ से कोई बयान मीडिया में नहीं आया है। 

वहीं सोरेन सरकार को अस्थिर किए जाने के दावों के बीच कांग्रेस के विधायक विक्सल कोंगड़ी ने भी यह खुलासा किया है कि इस साल की शुरुआत में बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनसे संपर्क साधा था। हेमंत सोरेन की सरकार गिराने के एवज में उन्हें मंत्री पद और 50 करोड़ रुपए का ऑफर भी मिला था। लेकिन उन्होंने बीजेपी के इस ऑफर को ठुकरा दिया।

हेमंत सोरेन की सरकार को गिराने की साजिश रचने के आरोपों को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने खारिज कर दिया। बाबूलाल मरांडी ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। जिसमें मरांडी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया था। मरांडी ने कहा कि झारखंड सरकार खुद झारखंड हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी से जांच करवा ले। सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मरांडी ने कहा कि वे सीबीआई जांच की भी बात कह सकते थे लेकिन सीबीआई जांच को लेकर सरकार के लोग यह कहकर सवाल उठाएंगे कि यह एजेंसी केंद्र सरकार के अधीन है।