लैंड फॉर जॉब केस में बढ़ी लालू परिवार की मुश्किलें, कोर्ट ने तय किए आरोप
सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले जमीन ली गई थी। ये जमीन लालू परिवार और उनके करीबी लोगों के नाम कराई गई।
नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। दिल्ली के राउस एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू परिवार को बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने लालू परिवार समेत 40 से अधिक आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि इस मामले में आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अब अगली प्रक्रिया के तहत ट्रायल शुरू किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए जाएंगे। इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती पर आरोप तय किए गए हैं।
सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले जमीन ली गई थी। यह जमीन लालू परिवार और उनके करीबी लोगों के नाम कराई गई। हालांकि, सभी आरोपियों ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि चार्जशीट में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है।
कोर्ट ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया। कोर्ट के मुताबिक आरोपियों के बीच व्यापक आपराधिक साजिश के साफ संकेत मिलते हैं। कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने लालू यादव के परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। कोर्ट का कहना है कि मामले के आरोप गंभीर हैं, इसलिए इसकी विस्तृत सुनवाई (ट्रायल) जरूरी है।




