भारत में ऑक्सफ़ोर्ड की कोरोना वैक्सीन को एक्सपर्ट पैनल की हरी झंडी

मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक़ एक्सपर्ट पैनल ने ऑक्सफ़ोर्ड-आस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंज़ूर करने की सिफ़ारिश कर दी है, अब इसे अंतिम मंज़ूरी के लिए DCGI के पास भेजा गया है

Updated: Jan 02, 2021, 12:22 AM IST

भारत में ऑक्सफ़ोर्ड की कोरोना वैक्सीन को एक्सपर्ट पैनल की हरी झंडी
Photo Courtesy : The Indian Express

नई दिल्ली। अभी-अभी खबर आई है कि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन (CDSCO) के एक्सपर्ट एक्सपर्ट पैनल ने ऑक्सफ़ोर्ड-आस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंज़ूर करने की सिफ़ारिश कर दी है। फाइनल अप्रूवल के लिए इसे DCGI के पास भेज भी दिया गया है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए आज ही मंज़ूरी दे दिए जाने के आसार हैं। यह वैक्सीन ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और आस्ट्रा-ज़ेनेका द्वारा मिलकर बनाई जा रही है। 

भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कर रही है। SII वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। ब्रिटेन की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने भी ऑक्सफोर्ड-आस्ट्रा-जेनेका के बनाए इस टीके को बुधवार को मंजूरी दे दी है। वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद सरकार जल्द ही टीकाकरण अभियान भी शुरू कर सकती है। शनिवार 2 जनवरी को पूरे देश में कोरोना वैक्सीन का ़ड्राई रन भी किया जाना है।

ब्रिटेन और अर्जेंटीना में ऑक्सफ़ोर्ड आस्ट्रा-जेनेका की वैक्सीन को पहले ही इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी मिल चुकी है। भारत में दवाओं की निगरानी और अप्रूवल के लिए जिम्मेदार सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन (CDSCO) के एक्सपर्ट पैनल ने आज एक बैठक में इस मसले पर गंभीरता से विचार के बाद ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूलवर देने के लिए हामी भर दी। 

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से यह भी बताया था कि CDSCO की तरफ से आज भारत में विकसित एक और वैक्सीन को भी इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक यह वैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा विकसित की जा रही है। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि एक्सपर्ट पैनल ने आज भारत बायोटेक की वैक्सीन का नाम अप्रूवल के लिए भेजा है या नहीं।

यह फ़ैसला होने पर भारत में जल्द से जल्द लोगों को वैक्सीन लगाए जाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा। दुनिया में अमेरिका के बाद कोरोना वायरस इंफेक्शन के सबसे ज़्यादा मामले भारत में ही सामने आए हैं।