SIT पर PM मोदी का दबाव, राम मंदिर चोरी की लड़ाई आखिरी सांस तक लडूंगा: दिग्विजय सिंह
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पूछा कि नेशनल हेराल्ड मामले में तो नकदी का लेन-देन ही नहीं हुआ है लेकिन उस पर ED लगा दी। लेकिन इस मामले में जहां खुलेआम पैसे का लेन-देन किया जा रहा है, तब ED कहां गायब है।
नई दिल्ली। अयोध्या श्री राम मंदिर में दान चोरी की चल रही जांच पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि SIT पर पीएम नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत का दबाव है। उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में ED कहां गायब है। सिंह ने कहा कि वे राम मंदिर में चोरी के विरुद्ध आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ेंगे।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद पर कहा, "भारत में सनातन धर्म में भगवान राम का एक अलग महत्व है। वे हमारे एक आदर्श हैं, भगवान राम के प्रति हमारी आस्था है। हम भगवान राम के भक्त हैं... हमें इस बात की प्रसन्नता है कि गोरखनाथ मठ के प्रमुख आज वहां (उत्तर प्रदेश) के मुख्यमंत्री हैं, जिस गोरखनाथ मठ ने राम जन्मभूमि की लड़ाई लड़ी। कहने का मतलब ये है कि ये विषय हमारे लिए भी आस्था से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सर्वसम्मति हो गई कि मुस्लिम पक्ष के लिए पांच एकड़ जमीन दी गई जिस पर निर्माण अभी तक नहीं हुआ लेकिन मंदिर का निर्माण हो गया।"
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मंदिर बनाने की जिम्मेदारी नृपेंद्र मिश्रा की थी जो प्रधानमंत्री के विश्वसनीय माने जाते हैं। वे (नृपेंद्र मिश्रा) खुद कह रहे हैं कि लूट हुई है। अब निर्माण कार्य में भी घोटाला सामने आ रहा है। क्या नृपेंद्र मिश्रा भी इसमें शामिल हैं? जब तक ये प्रकरण सामने नहीं आया तब तक आप (नृपेंद्र मिश्रा) चुप क्यों रहे? चंपत राय जैसे लोग प्रधानमंत्री की छवि को खराब कर रहे हैं।"
दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि 40 दिनों में 71 बार पैसा निकाला गया है। नेशनल हेराल्ड मामले में तो नकदी का लेन-देन ही नहीं हुआ है लेकिन उस पर आपने ED लगा दी गई। लेकिन इस मामले में जहां खुलेआम पैसे का लेन-देन किया जा रहा है, तब ED कहां गायब है? कल ट्रस्ट की बैठक जो हुआ हम ये पहले से जानते थे लेकिन जवाबदेही तय नहीं की गई और इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। हैरानी इस बात की है कि खुद कोषाध्यक्ष कह रहे हैं कि उन्हें चेक पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं था।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में छोटी मछली पकड़ी गई लेकिन मगरमच्छ नहीं पकड़े गए। सिंह ने कहा कि इस घटना से हम बहुत दुखी हैं... मैं अपनी आखिरी सांस तक इसकी लड़ाई लडूंगा। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा है चढ़ावा चोरी के विरुद्ध मेरी जो महाकाल नगरी उज्जैन से राम नगरी अयोध्या तक पदयात्रा होगी इसमें किसी पार्टी का झंडा नहीं होगा। इसमें कोई राजनीति नहीं होगी।
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि सिंधी समुदाय का क्या? उन बेचारे लोगों ने जो दो क्विंटल वजन के 200 पत्थर दान किए थे, उनका क्या हुआ? आपने उन्हें रसीद तक नहीं दी। सिंधी लोग आपके कितने समर्पित अनुयायी हैं। उन्होंने किसी को नहीं बख्शा और वे किसी को नहीं बख्शेंगे। ये भ्रष्ट लोग हैं जो धर्म को व्यापार में बदल रहे हैं। बता दें कि दिग्विजय सिंह ने घोषणा की है कि वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से लेकर राम नगरी अयोध्या तक पैदल यात्रा करेंगे। यात्रा की शुरुआत विजयदशमी के दिन 20 अक्टूबर को होगी। पिछले हफ्ते सिंह ने अपने भोपाल स्थित आवास के बाहर "चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित" के पोस्टर भी लगवाए थे।




