मोदी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को ICU में पहुंचाया, कांग्रेस ने दोहराई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाते हुए जल्द ‘एजुकेशन चार्टर’ लाने की घोषणा की। कन्हैया कुमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामले की जांच, शिक्षा सुधार, नियमित जॉब कैलेंडर और भर्ती-परीक्षा के लिए तय अकादमिक कैलेंडर लागू करने की मांग उठाई।
कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर संकट में पहुंचाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने आरोप जड़ते हुए कहा कि पार्टी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव लेकर जल्द ही एक एजुकेशन चार्टर तैयार करेगी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक मामलों से उनके कथित संबंधों की जांच कराने की भी बात कही।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्हैया कुमार ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वजह है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशभर में छात्रों से संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ बात किया था और अब इस अभियान को देश के अन्य हिस्सों तक भी ले जाया जा रहा है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रख रही है। पहली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना चाहिए और पेपर लीक माफिया से उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दूसरी देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाए। उनका आरोप था कि यूपीए सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए एक समिति बनाई थी लेकिन एनडीए सरकार ने मनमाने ढंग से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) का गठन कर दिया। तीसरी मांग युवाओं के लिए नियमित जॉब कैलेंडर जारी करने और परीक्षाओं व भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक तय अकादमिक कैलेंडर लागू करने की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव एकत्र कर रही है। इन सुझावों के आधार पर तैयार होने वाला एजुकेशन चार्टर शिक्षा व्यवस्था में सुधार का रोडमैप पेश करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के शैक्षणिक संस्थानों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। जाखड़ ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जाना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि विश्वविद्यालय परिसरों में अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों को मुकदमों की धमकी दी जाती है और कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में एक विशेष विचारधारा से जुड़े लोगों की नियुक्तियां की जा रही हैं। जाखड़ ने बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर एनएसयूआई ने अपने संगठनात्मक चुनावों की शुरुआत की है और प्रत्येक परिसर में चुनाव कराकर अपनी इकाइयों का गठन करेगी ताकि छात्रों को अपनी बात रखने के लिए एक प्रभावी मंच मिल सके।




