UGC की नई गाइडलाइंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, केंद्र को नए सिरे से ड्राफ्ट करने के निर्देश
UGC के नए नियमों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट ने नए नियमों पर रोक लगा दिया है और अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च को तय की है।
नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। देश के अलग-अलग राज्यों में इसके खिलाफ लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। 1 फरवरी को करणी सेना समेत कई संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।
सर्वोच्च अदालत ने UGC की नई गाइडलाइंस पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया।
CJI सूर्यकांत ने केंद्र से पूछा कि हमने जातिविहीन समाज की दिशा में कितना कुछ हासिल किया है। क्या अब हम उल्टी दिशा में चल रहे हैं? शीर्ष अदालत ने कहा कि रेगुलेशन में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं उनसे यह लगता है कि इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है। जस्टिस बागची ने कहा कि हम समाज में एक निष्पक्ष और समावेशी माहौल बनाने पर विचार कर रहे हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी।
बता दें कि UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था, जिसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए कई निर्देश दिए गए हैं।
इस गाइडलाइंस को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि अगर इन नियमों को मौजूदा स्वरूप में लागू किया गया, तो इससे भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है और इस पर तुरंत न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है। इस पर CJI सूर्यकांत ने याचिका से जुड़ी सभी तकनीकी कमियां दूर करने को कहा, ताकि मामले को जल्द सूचीबद्ध कर सुनवाई की जा सके।




