ग्राउंड वाटर की क्वालिटी बेहतर करने के लिए क्या कार्ययोजना है, संसद में गूंजा इंदौर में दूषित-पानी से मौत का मामला

राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों का जिम्मेदार किसको माना जाए?

Updated: Feb 02, 2026, 06:25 PM IST

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। सोमवार को यहां एक और बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। इसी के साथ दूषित जल से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है। उधर, संसद के बजट सत्र में भी इंदौर में हुई मौतों का मुद्दा गूंजा।

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने सदन में इस मामले को उठाते हुए कहा है कि पानी सबसे गंभीर विषय है और जहरीला पानी सरकार पिला रही है, इसमें कोई दो राय नहीं है। तिवारी ने कहा कि इस विभाग में जितना करप्शन है, शायद किसी और विभाग में उतना करप्शन नहीं है। इसलिए इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इसकी कार्ययोजना से अवगत कराएं।

तिवारी ने आगे कहा, 'मैं जानना चाहता हूं कि विश्व की मानवता से जुड़ा हुआ, हर इंसान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल है। क्या सदन को आश्वस्त करेंगे कि जो ग्राउंड वाटर है, उसकी क्वालिटी बेहतर करने के लिए क्या कार्ययोजना आपके पास है। यह एक गंभीर विषय है। जलशक्ति मंत्री भी गुजरात से हैं। गांधी नगर गुजरात में प्रदूषित जल पीकर कितने लोग बीमार हुए। इंदौर में कितने लोग मरे? राज्य मंत्री तो लड़खड़ा रहे हैं, कैबिनेट मंत्री उठिए, मोर्चा संभालिए।'

वहीं, महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए वे विभागीय मंत्री से पूछना चाहते हैं कि इन मौतों का जिम्मेदार किसको माना जा रहा है? क्या इसमें सिर्फ राज्य सरकार की जिम्मेदारी है? क्या जल शक्ति मंत्रालय ने इसमें संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से सवाल किया? क्या इस मामले में राज्य सरकार ने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की? इसकी जानकारी दी जाए।

इससे पहले कर्नाटक से राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में इंदौर के स्वच्छता और जल आपूर्ति सिस्टम को लेकर सरकार से सीधे सवाल पूछे थे। बता दें कि इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला जारी है। आज भी एक व्यक्ति की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई है। इसी के साथ इंदौर मेंं दूषित पानी से मौत का आंकड़ा अब 32 तक पहुंच गया है।