चार साल बाद अग्निवीरों का क्या होगा, BJP सांसद ने रक्षा मंत्री से पूछे सवाल, कई राज्यों में सड़क पर उतरे युवा

बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अग्निपथ योजना का विरोध, बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी उठाए सवाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखा पत्र

Updated: Jun 16, 2022, 01:00 PM IST

चार साल बाद अग्निवीरों का क्या होगा, BJP सांसद ने रक्षा मंत्री से पूछे सवाल, कई राज्यों में सड़क पर उतरे युवा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सेना भर्ती की तैयारी करने वाले छात्र सड़कों पर आ गए हैं। बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी इस योजना को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा है कि चार साल बाद अग्निवीरों का क्या होगा?

रक्षा मंत्री को संबोधित पत्र में सांसद वरुण गांधी ने लिखा है कि, 'सेना में 15 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए नियमित सैनिकों को कॉरपोरेट सेक्टर नियुक्त करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते। ऐसे में 4 साल की अल्पावधि के उपरांत इन अग्निवीरों का क्या होगा? चार साल सेना में सेवा देने के दौरान इन युवकों की पढ़ाई बाधित होगी। साथ ही साथ अन्य समकक्ष छात्रों की तुलना में ज्यादा उम्रदराज होने के कारण अन्य संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने व नौकरी पाने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।'

वरुण गांधी ने आगे लिखा कि, 'किसान परिवार, निम्न व मध्यमवर्ग से आने वाले इन अग्निवीरों को सरकार द्वारा निर्धारित कम वेतनमान के कारण घर चलाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
स्पेशल ऑपरेशन के समय सशस्त्र बलों में स्पेशलिस्ट कॉडर वाले सैनिकों की आवश्यकता होती है, ऐसे में महज 6 महीने की बेसिक ट्रेनिंग प्राप्त इन सैनिकों के कारण वर्षों पुरानी रेजिमेंटल संरचना बाधित हो सकती है। इस योजना से प्रशिक्षण लागत की बर्बादी भी होगी, क्योंकि 4 साल के उपरांत सेना इन प्रशिक्षित जवानों में केवल 25% का उपयोग ही करेगी। जो रक्षा बजट पर अनावश्यक बोझ साबित होगा।'

बीजेपी सांसद ने आगे लिखा है कि, 'इस योजना के लागू होने के पश्चात हर वर्ष भर्ती किये गए युवाओं में से 75% चार वर्षों के बाद पुन: बेरोजगार होंगे। हर साल यह संख्या बढ़ती जाएगी। इससे देश के युवाओं में और अधिक असंतोष पनपेगा। हमें उन युवाओं के बारे में भी सोचना होगा जिनकी उम्र सीमा कोरोना एवं भर्ती सही समय पर नहीं होने के कारण पार कर गयी है।' उन्होंने रक्षा मंत्री से मांग की है कि बेरोजगार युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अतिशीघ्र इस योजना से जुड़ी नीतिगत तथ्यों को सामने लाएं और अपना पक्ष साफ़ करें।

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बता दें कि बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हजारों की संख्या में युवा इस योजना के खिलाफ सड़कों पर आ गए हैं। बिहार के कई जिलों में युवाओं का प्रदर्शन उग्र हो गया। आक्रोशित युवाओं ने यहां कई ट्रेनों में आग लगा दी। बिहार के दर्जनों जिलों से आगजनी की घटनाएं सामने आई है। युवाओं के प्रदर्शन पर केंद्र सरकार की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।