लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस, 118 विपक्षी सांसदों के किए हस्ताक्षर

विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ Rule 94(c) के तहत अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा। नोटिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नोटिस देने के दौरान कांग्रेस के साथ SP, Left और RJD नेता भी मौजूद थे।

Updated: Feb 10, 2026, 03:24 PM IST

नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है। मंगलवार को सचिवालय को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया गया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि स्पीकर को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 94-सी के तहत लोकसभा सचिवालय को नोटिस दिया गया है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विपक्ष के 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, डीएमके, सपा, आरजेडी, लेफ्ट व अन्य दलों के सांसद शामिल हैं। हालांकि TMC ने इस नोटिस से दूरी बनाई है। इस नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं हैं। जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है।'

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के मुख्य बिंदु:-

1. नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया।
2. ⁠विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
3. ⁠बीजेपी सांसद को पूर्व प्रधानमंत्रियों को लेकर आपत्तिजनक बातें बोलने दी गई।
4. ⁠स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों पर साजिश का आरोप लगाया।

नोटिस देने के लिए कांग्रेस सांसद सुरेश कोडिकुन्निल, गौरव गोगोई, मोहम्मद जावेद लोकसभा महासचिव के पास पहुंचे थे। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में पक्षपाती रवैया अपनाया है और विपक्ष की आवाज को दबाया है। इससे पहले लोकसभा के बाहर बुक कॉन्ट्रोवर्सी पर राहुल गांधी ने कहा कि या तो पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पेंगुइन। राहुल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि नरवणे झूठ नहीं बोलेंगे।

राहुल का यह बयान पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के उस क्लैरिफिकेशन के बाद आया, जिसमें कहा गया कि नरवणे की किताब अभी तक पब्लिश नहीं हुई है। पब्लिशिंग के सभी राइट्स हमारे पास हैं। कंपनी की सफाई इसलिए आई, क्योंकि बुक की अनअथॉराइज्ड कॉपियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन का दावा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है।