कॉमनवेल्थ गेम्स: गुलवीर ने 10000 मीटर रेस में सिल्वर जीत रचा इतिहास, भारत के खाते में हुए 12 पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत ने दो सिल्वर मेडल जीते। गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में इतिहास रचते हुए पहला भारतीय पदक जीता। जबकि, हरजिंदर कौर ने वेटलिफ्टिंग में रजत हासिल किया।

Updated: Jul 29, 2026, 11:59 AM IST

ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत के खाते में दो और सिल्वर मेडल जुड़े। एथलीट गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीतकर नया कीर्तिमान बनाया। जबकि, वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा भारतीय बॉक्सिंग टीम के तीन खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित कर चुके हैं। इन उपलब्धियों के बावजूद भारत 12 पदकों के साथ पदक तालिका में नौवें स्थान पर पहुंच गया है। टीम इंडिया के खाते में अब तक 2 स्वर्ण सहित कुल 12 पदक हैं। जबकि, ऑस्ट्रेलिया 35 गोल्ड और कुल 80 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।

पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में बारिश और फिसलन भरे ट्रैक के बीच 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता। वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। रेस के अंतिम लैप की शुरुआत में गुलवीर चौथे स्थान पर थे लेकिन शानदार फिनिश के दम पर दूसरे स्थान तक पहुंच गए। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने गोल्ड और आइल ऑफ मैन के मुल्लार्की ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव निवासी 27 वर्षीय गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। सेना में भर्ती की तैयारी के लिए उन्होंने दौड़ना शुरू किया था। साल 2018 में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट से जुड़ने के बाद उन्होंने एथलेटिक्स को पेशेवर रूप से अपनाया और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत रहे हैं।

वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम स्पर्धा में कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम वजन उठाकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। जबकि, क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम भार उठाया। इस स्पर्धा का स्वर्ण कनाडा की चार्लोट सिमोन्यू ने 240 किलोग्राम कुल वजन के साथ जीता। जबकि, ऑस्ट्रेलिया की नया फीबी हेमैन भी 227 किलोग्राम कुल वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल विजेता रहीं।

पंजाब के नाभा के महेश गांव की रहने वाली हरजिंदर कौर ने खेल जीवन की शुरुआत वेटलिफ्टिंग से नहीं बल्कि कबड्डी और रस्साकशी से की थी। उनके कोच परविंदर शर्मा ने उनकी शारीरिक ताकत को देखते हुए उन्हें वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी। घर पर चारा काटने वाली मशीन के भारी लोहे के पहियों को चलाने से उनकी ताकत और मजबूत हुई। जिसका फायदा उन्हें इस खेल में मिला। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने के बाद अब उन्होंने सिल्वर हासिल कर अगले लक्ष्य के रूप में गोल्ड की ओर कदम बढ़ा दिया है।

हरजिंदर का यह पदक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में भारत का सातवां पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, ऋषिकांत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव, राजा मुथुपांडी और अजय बाबू ने सिल्वर जबकि बिंदियारानी देवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए अब तक मिले पदकों में मणिपुर के खिलाड़ियों का बड़ा योगदान रहा है। मीराबाई चानू, ऋषिकांत सिंह और बिंदियारानी देवी राज्य की ओर से पदक जीत चुके हैं।

बॉक्सिंग में भारत के लिए भी अच्छी खबर रही। महिला वर्ग में प्रीति पवार और प्रिया घांघस तथा पुरुष वर्ग में जादूमणि ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। प्रीति ने 54 किलोग्राम वर्ग में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 से हराया। प्रिया ने 60 किलोग्राम वर्ग में स्कॉटलैंड की निया मिचेल को 4-1 से मात दी जबकि 55 किलोग्राम पुरुष वर्ग में जादूमणि ने जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को 5-0 से शिकस्त दी।

तीनों भारतीय मुक्केबाज 31 जुलाई को सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगे। प्रीति का सामना जमैका की कैथरीन म्वापे से, प्रिया की भिड़ंत इंग्लैंड की लूसी किंग्स-व्हीटली से और जादूमणि का मुकाबला नामीबिया के फिलिप पुमुलो मुताकेला हाओसेब से होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं कराया जाता इसलिए सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है।

वेटलिफ्टिंग में भारत की निरुपमा देवी सेरम पदक जीतने से चूक गई। महिलाओं की 63 किलोग्राम स्पर्धा में उन्होंने स्नैच में 93 किलोग्राम वजन उठाकर पांचवां स्थान हासिल किया लेकिन क्लीन एंड जर्क में 123 किलोग्राम वजन उठाने के तीनों प्रयास असफल रहे। इसके चलते उन्हें नो मार्क मिला और वह पदक की दौड़ से बाहर हो गई। इस स्पर्धा का गोल्ड कनाडा की ओलिंपिक चैंपियन मॉड शैरॉन ने 232 किलोग्राम कुल वजन के साथ जीता। जबकि  इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल को सिल्वर और नाउरू की फेमिली-क्रिस्टी नोट्टे को ब्रॉन्ज मिला।

एथलेटिक्स में विशाल टीके ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ की अपनी हीट में 46.49 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं  राजेश रमेश 47.43 सेकंड के समय के साथ कुल 17वें स्थान पर रहे और अगले दौर में जगह नहीं बना सके।

स्विमिंग में श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट्स 55.58 सेकंड में पूरी कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। दूसरी ओर साजन प्रकाश पुरुषों की 50 मीटर बटरफ्लाई हीट्स में 24.94 सेकंड के साथ 28वें स्थान पर रहे और प्रतियोगिता से बाहर हो गए। पैरा स्विमिंग में कार्तिक बुडीगिना और अली इमाम ने पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल S13 वर्ग के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। दोनों अपनी-अपनी हीट्स में क्रमशः छठे और आठवें सबसे तेज तैराक रहे।