बेटी का शव कंधे पर उठाकर ले गया बेबस पिता, स्वास्थ्य मंत्री भी हुए विचलित, कार्रवाई के निर्देश

बेटी का जनाजा ले जाते पिता का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दिए जांच के आदेश, बोले- ये बर्दाश्त के बाहर

Updated: Mar 26, 2022, 12:56 PM IST

बेटी का शव कंधे पर उठाकर ले गया बेबस पिता, स्वास्थ्य मंत्री भी हुए विचलित, कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ का एक बेहद मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पिता अपनी बेटी के शव को कंधे पर उठाकर पैदल चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि समय पर एम्बुलेंस न मिलने के चलते पिता को अपने कंधे पर ही डेड बॉडी लेकर घर जाना पड़ा। बेटी का जनाजा ले जाते बाप के इस वीडियो स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को भी विचलित कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल से घर तक की दूरी करीब 10 किलोमीटर तक पिता अपनी पुत्री को कंधे पर ही लेकर गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सिंहदेव ने अंबिकापुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘मैंने वीडियो को देखा है। ये विचलित करने वाला है. एक व्यक्ति बच्ची के शव को कंधे पर ले जा रहा है। इस मामले का संज्ञान लिया गया है और CMHO को इसकी जांच करने का निर्देश दिया गया है।' 

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सिंहदेव के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि एम्बुलेंस वहां पहुंच गया था, लेकिन उससे पहले ही परिजन शव लेकर अस्पताल से निकल चुके थे। सिंहदेव ने इसे लेकर कहा कि, ‘ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को परिवार को गाड़ी का इंतजार करने के लिए समझाना चाहिए था। उन्हें ये सुनिश्चित करना चाहिए था कि ऐसी घटना न हो।' जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है।

सरगुजा के अधिकारियों ने बताया कि ये मामला जिले के लखनपुर गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार सुबह सात साल की बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद उसके पिता एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही बेटी के शव को कंधे पर लादकर घर चले गए। जिले के अमदला गांव के रहने वाले ईश्वर दास अपनी बीमार बेटी सुरेखा को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। 

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स्वास्थ्य केंद्र के ग्रामीण चिकित्सा सहायक डॉ विनोद भार्गव ने बताया कि ईश्वर दास जब बच्ची को लेकर अस्पताल आए थे, तब उसका ऑक्सीजन का लेवल 60 के करीब था। भार्गव के अनुसार, ईश्वर दास ने बताया कि बच्ची को पिछले कुछ दिनों से बुखार था और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू कर लिया, लेकिन वे उसे बचा नहीं सके। 

भार्गव के मुताबिक इलाज के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ती गई और करीब 7.30 बजे उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि बच्ची के परिजनों से कहा गया था कि शव वाहन को बुलाया गया है, लेकिन जब वाहन सुबह 9.30 बजे अस्पताल पहुंचा, तब तक पिता अपनी बेटी के शव को लेकर वहां से चला गया था।