सतना में कोरोना वैक्सीन लेते ही बेहोश हुए 12 बच्चे, सांस लेने में परेशानी, 8 को मैहर रेफर किया गया

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे डरे हुए थे इस वजह से बेहोश हो गए, सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है, अब उनकी तबीयत में सुधार है

Updated: Mar 26, 2022, 11:11 AM IST

सतना में कोरोना वैक्सीन लेते ही बेहोश हुए 12 बच्चे, सांस लेने में परेशानी, 8 को मैहर रेफर किया गया

सतना। मध्य प्रदेश के सतना में कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कई बच्चे अचानक बेहोश हो गए। आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत बिगड़ने के बाद करीब 8 बच्चों को मैहर रेफर किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे डरे हुए थे इस वजह से बेहोश हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमदरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को गुरुवार को अमदरा अस्पताल में टीका लगाया गया था। ये सभी बच्चे खेरवासानी के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि वैक्सीन लेते हुए बच्चे बेहोश होने लगे और इस तरह कुल 12 बच्चे वैक्सीनेशन सेंटर पर ही बेहोश हो गए। ये ये सभी बच्चे 12 से 14 साल की उम्र के थे।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में इन बच्चों को सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद करीब 8 बच्चों को तत्काल मैहर रेफर किया गया। बच्चों के मुताबिक वैक्सीन लेने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। जिन बच्चों की तबीयत बिगड़ी है, उनमें से अधिक छात्राएं थी। 

बच्चों के परिजनों का आरोप है कि सतना जिला अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। इस दौरान परिवार के लोग ही बच्चों को अस्पताल के बेड पर लिटाकर पानी के छीटें मारकर उन्हें होश में लाने की कोशिश कर रहे थे। काफी देर के बाद डॉक्टर अस्पताल में पहुंचे, जिसके बाद कुछ छात्राओं को इलाज के मैहर सिविल अस्पताल रेफर किया गया।

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सतना सीएमएचओ अशोक अवधिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा है कि लगता है वैक्सीन के लेने बाद बच्चे डर के मारे बच्चे बेहोश हुए। हालांकि हम मामले की जांच करेगे और पता करेंगे कि ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने वैक्सीन के वायल को जांच के लिए भेजने की भी बात कही है।

बता दें कि देश में इस समय 12 साल से 14 साल के बच्चों को भी टीके लग रहे हैं। बच्‍चों को हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई कंपनी द्वारा विकसित कोर्बेवैक्‍स वैक्‍सीन लगाई जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि 12-14 आयु वर्ग के 1 करोड़ से अधिक बच्चों को अब तक कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। हालांकि, सतना की इस घटना के बाद कोर्बेवैक्‍स टीके को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।