छत्तीसगढ़ में कांग्रेस MLA बालेश्वर साहू गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर केसीसी लोन के नाम पर किसान से 42 लाख रुपये से ज्यादा के गबन और फर्जीवाड़े का आरोप है।

Updated: Jan 10, 2026, 12:16 PM IST

छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में एक बड़ा सियासी और आपराधिक मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश के बाद जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विधायक पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के जरिए किसान के करीब 42 लाख रुपये गबन करने का गंभीर आरोप है। बालेश्वर साहू जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

यह कार्रवाई उस मामले में हुई है जिसमें बीते 3 अक्टूबर को चांपा थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, यह मामला जिला सहकारी समिति में प्रबंधक रहते हुए किए गए कथित घोटाले से जुड़ा है।

आरोप है कि बालेश्वर साहू ने जिला सहकारी समिति बम्हनीनडीह में प्रबंधक के पद पर रहते हुए केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन के नाम पर एक किसान से 42 लाख रुपये से ज्यादा की रकम का गबन किए थे। इस पूरे मामले में उनके सहयोगी गौतम राठौर की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस केस की जांच राजकुमार शर्मा की शिकायत के आधार पर कर रही थी।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विधायक बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (जालसाजी से जुड़े अपराध) और 34 (साझा अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट के निर्देश पर अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।

मामले की जड़ें साल 2015 से 2020 के बीच की बताई जा रही हैं। आरोप है कि इस अवधि में बालेश्वर साहू जिला सहकारी समिति बम्हनीनडीह में प्रबंधक थे। इसी दौरान उन्होंने गौतम राठौर के साथ मिलकर पीड़ित राजकुमार शर्मा को 50 एकड़ जमीन के नाम पर केसीसी लोन दिलाने का प्रस्ताव दिया था। लोन की प्रक्रिया के तहत पीड़ित का एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया गया और उससे खाली चेक भी ले लिए गए।

जांच में सामने आया है कि इन खाली चेकों का दुरुपयोग करते हुए 24 लाख रुपये विधायक बालेश्वर साहू और उनकी पत्नी के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अलावा पीड़ित की मां और पत्नी के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर कुल 42 लाख 78 हजार रुपये की रकम निकाल ली गई।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे लेन-देन में दस्तावेजों से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसी आधार पर कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद विधायक की गिरफ्तारी की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी विधायक और उनके सहयोगी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।