अतिवादी संगठनों के विरोध के बाद भिलाई में सुहानी शाह का कार्यक्रम रद्द, धीरेंद्र शास्त्री को बताया था पाखंडी

भिलाई में होने वाला मैजिशियन सुहानी शाह का कार्यक्रम हिंदू संगठनों के विरोध के बाद रद्द कर दिया गया है। सुहानी शाह का 11 जुलाई को भिलाई के अमित होटल में कार्यक्रम होना था।

Updated: Jul 10, 2023, 03:52 PM IST

भिलाई। देश की मशहूर माइंड रीडर व मोटिवेशनल स्पीकर सुहानी शाह 11 जुलाई को भिलाई आने वाली थीं। हालांकि, अतिवादी संगठनों के विरोध के बाद अब उसका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। इससे पहले विहिप और बजरंग दल ने चेतावनी देते हुए कहा था कि हिंदू धर्म के अनुयायियों का मजाक बनाने वाली सुहानी शाह को वो भिलाई नहीं आने देंगे।

दरअसल, विश्व हिंदू परिषद की तरफ से भिलाई कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर मांग की गई है कि इस कार्यक्रम को रद्द किया जाए। आरोप गया की सुहानी शाह ने पूरे देश में पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का मजाक बनाया। इससे हिंदू धर्म के लोगों की भावना आहत हुई है। इसके अलावा बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शहरभर में गो बैक सुहानी के पोस्टर भी लगाए हैं। इसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं का भी समर्थन था।

अतिवादी संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि यह कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ तो विश्व हिंदू परिषद भिलाई के लोग सुहानी शाह को काला झंडा दिखाकर उसका विरोध करेंगे। इससे उन्हें पता चलेगा कि हिंदुओं की भावना को आहत करने पर उन्हें किस तरह से विरोध का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में आयोजनकर्ता दबाव में आकर कार्यक्रम रद्द करने को मजबूर हुए।

सुहानी शाह का कार्यक्रम भिलाई के एक निजी होटल में 11 जुलाई को शाम 7 बजे रखा गया था। यह आयोजन डॉ. संतोष राय इंस्टीट्यूट के द्वारा कराया जा रहा था। आयोजक डॉ.संतोष राय ने बताया कि वह खुद एक शिक्षक है और ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहता जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो। मुझे सोशल मीडिया पर जानकारी लगी कि सुहानी शाह के कार्यक्रम का विरोध किया जा रहा है जिसे देखते हुए जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सुहानी शाह का कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। इसकी जानकारी सुहानी शाह को फोन कर कार्यक्रम को रद्द करने की जानकारी दी गई है।

बता दें कि सुहानी शाह ने हाल ही में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कहा था कि उनके पास कोई चमत्कारिक शक्ति नहीं है। बल्कि वे एक ट्रिक से ये सब करते हैं। दरबार में पहुंचने वाले अधिकांश लोगों की समस्याएं एक जैसी ही होती है। इसलिए वे ट्रिक से किसी की समस्या को बता देते हैं। इस टिप्पणी के बाद से ही सुहानी शाह हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर हैं।