डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10 फीसदी नया टैरिफ लगाया, भारत पर 18 नहीं अब 10 प्रतिशत टैरिफ ही लगेगा

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि भारत समेत वे सभी देश भी 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करेंगे, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले डोनाल्ड ट्रंप के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ टैरिफ डील की थी।

Updated: Feb 21, 2026, 11:23 AM IST

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। इसी के साथ तय हो गया है कि भारत पर अमेरिका 18 फीसदी की जगह 10 फीसदी टैरिफ लगाएगा।

दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध घोषित कर खारिज करने के बाद उन्होंने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान किया था। इसके बाद यह सवाल उठ रहे थे कि भारत और अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील एग्रीमेंट हुआ था, उसके हिसाब से निर्धारित 18 फीसदी टैरिफ के ये अतिरिक्त होगा या भारत पर सिर्फ 10 फीसदी टैरिफ लगेगा। ट्रंप ने कहा कि वह 24 फरवरी से अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर 150 दिनों की अवधि के लिए 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ लगा रहे हैं।

व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत समेत अमेरिका के ट्रेडिंग पार्टनर, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले डोनाल्ड ट्रंप के एडमिनिस्ट्रेशन के साथ टैरिफ डील की थी, अब 10 परसेंट ड्यूटी का सामना करेंगे, भले ही वे पहले ज्यादा टैरिफ पर सहमत हुए हों। बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के भारी-भरकम टैरिफ प्लान को 'अवैध' घोषित कर दिया है। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है। हमेशा की तरह ट्रम्प चुप नहीं बैठे। कुछ ही घंटों के भीतर इंपोर्ट सरचार्ज की नई घोषणा की। यह नया नियम 24 फरवरी की आधी रात से लागू हो जाएगा और अगले 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा।

गौरतलब है कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति हुई। इस डील के तहत तय हुआ था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा और अमेरिकी एनर्जी प्रोडेक्ट खरीदेगा। बदले में अमेरिका भारत पर लगने वाले 25% टैरिफ को घटाकर 18% कर देगा। लेकिन अब, ट्रंप के नए वैश्विक आदेश के कारण यह दर गिरकर सीधे 10% पर आ गई है। यानी भारतीय निर्यातकों की जेब पर अब कम बोझ पड़ेगा।