कोलंबिया में लैंडिंग से पहले क्रैश हुआ विमान, एक सांसद समेत 15 लोगों की मौत
कोलंबिया में कुकुटा से ओकाणा जा रहा एक कमर्शियल विमान 15 लोगों के साथ लापता हो गया था। बाद में ढूंढने पर उसका मलबा मिला है।
भारत में गुरुवार को एक विमान हादसे में भारतीय राजनीति के प्रमुख नेता अजित पवार का निधन हो गया। उनका आज अंतिम संस्कार हो रहा है। इसी तरह का एक हादसा अब कोलंबिया में हुआ है। बुधवार को एक बड़ा विमान हादसा हुआ, जिसमें एक छोटे यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में देश के एक मौजूदा सांसद और आगामी चुनावों में हिस्सा ले रहे एक विधायी उम्मीदवार भी शामिल हैं।
यह हादसा वेनेजुएला सीमा के पास उस समय हुआ, जब विमान अपने लैंडिंग की ओर बढ़ रहा था। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह विमान एक जुड़वां प्रोपेलर वाला बीचक्राफ्ट 1900 था, जिसे सरकारी एयरलाइन सतेना संचालित कर रही थी और जिसे एक निजी कंपनी से लीज पर लिया गया था।
विमान ने कोलंबिया के नॉर्टे डी सैंटेंडर विभाग के कुकूटा शहर से उड़ान भरी थी और दोपहर के समय ओकाना में उतरना था। हालांकि, लैंडिंग से कुछ ही देर पहले विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। काफी समय तक संपर्क न होने के बाद खोज अभियान शुरू किया गया। बाद में जब विमान का मलबा बरामद हुआ, तो अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हो चुकी है। विमान में कुल 13 यात्री और दो चालक दल के सदस्य मौजूद थे।
इस हादसे में मारे गए प्रमुख लोगों में कोलंबिया की चैंबर ऑफ डेप्युटीज के सदस्य डियोजेनेस क्विंटेरो और चुनावी उम्मीदवार कार्लोस साल्सेडो शामिल हैं। दोनों ही अपने-अपने राजनीतिक दलों की टीमों के साथ यात्रा कर रहे थे। इस खबर के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय विधायक विलमर कैरिलो ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि यह एक बेहद दुखद हादसा है और सभी को संयम बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती राहत और बचाव कार्य अब शवों की बरामदगी और पहचान की प्रक्रिया में बदल चुका है।
दुर्घटना स्थल एक दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जो वेनेजुएला सीमा के करीब आता है। इस इलाके में घना जंगल और बदलता मौसम अक्सर चुनौती पैदा करता है, जिससे खोज और बचाव कार्यों में कठिनाई होती है। अधिकारियों के मुताबिक, इसी वजह से मलबे तक पहुंचने में समय लगा। फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं।




