बुढ़ापे में गले की फांस बना जवानी का गुनाह, 100 रुपए के गेहूं चोरी मामले में 45 साल बाद गिरफ्तारी
मध्य प्रदेश के खरगोन में पुलिस ने 45 साल पुराने चोरी के मामले में 65 वर्षीय सलीम को गिरफ्तार किया है। 1980 में सलीम ने महज 100 रुपये का गेहूं चुराया था और फरार हो गया था।
खरगोन। अकसर सुनने को मिलता है कि कानून के हांथ काफी लंबे होते हैं। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से इस कहावत से जुड़ा एक ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया है। जहां कानून ने एक अपराधी को अपराध करने के 45 सालों बाद गिरफ्तार किया है। दरअसल, करीब 45 साल पहले हुए मामूली गेहूं चोरी के मामले में फरार चल रहे 65 वर्षीय सलीम को पुलिस ने अब जाकर पकड़ा है। चोरी की कीमत महज करीब 100 रुपए थी लेकिन दशकों बाद भी यह मामला पुलिस रिकॉर्ड में जिंदा रहा और आखिरकार आरोपी कानून के शिकंजे में आ ही गया।
घटना साल 1980 की है जब बलखड़ गांव के बलकवाड़ा थाना इलाके के बालसमुंद काकड़ क्षेत्र में सात युवकों का एक समूह रात के अंधेरे में खेतों में घुसा था। इस समूह में मजीद का बेटा सलीम भी शामिल था। आरोप है कि इन सातों लोगों ने खेत से लगभग 100 रुपए कीमत का गेहूं चुरा लिया था। उस समय एक क्विंटल अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की कीमत करीब 115 रुपए हुआ करती थी। ऐसे में चोरी की गई गेहूं की मात्रा कुछ किलोग्राम ही रही होगी जो मुश्किल से एक छोटी बोरी भरने लायक थी।
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घटना के समय सलीम की उम्र लगभग 20 साल थी। माना जा रहा है कि यह वारदात जल्दबाजी और युवावस्था की लापरवाही में की गई थी। उस दौर में इस तरह के छोटे अपराध कई बार समय के साथ दब जाते थे खासकर जब आरोपी अचानक गायब हो जाए। पुलिस के अनुसार, चोरी के तुरंत बाद सलीम अपने परिवार के साथ गांव छोड़कर पड़ोसी धार जिले के बाग इलाके में बस गया और वहां नई जिंदगी शुरू कर दी थी।
समय के साथ सलीम ने खुद को पूरी तरह बदल लिया था। फरार युवक धीरे-धीरे एक शांत जीवन जीने लगा। उसने एक छोटी दुकान खोल ली और परिवार का भरण पोषण करने लगा। संभवतः उसे लगा होगा कि अतीत की वह छोटी सी गलती अब इतिहास बन चुकी है। वहीं, पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज यह मामला फाइलों के पीले पड़ चुके पन्नों के बीच दबा रहा था।
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हालांकि, मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों ने इस पुराने मामले को फिर से जिंदा कर दिया। मंडलेश्वर की पुलिस उपमंडल अधिकारी श्वेता शुक्ला ने बताया कि 1 से 31 जनवरी तक चले विशेष अभियान के दौरान पुराने वारंट और अनसुलझे मामलों की दोबारा जांच की गई। इसी जांच के दौरान सलीम के एक पुराने साथी से उसके ठिकाने की अहम जानकारी मिली।
सूचना के आधार पर खलताका चौकी पुलिस टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी शुक्ला ने बताया कि भले ही चोरी की रकम मामूली थी लेकिन उस समय सात लोगों की संलिप्तता के कारण मामला दर्ज किया गया था। सालों तक कई पुलिस अधिकारियों ने लंबित मामलों की समीक्षा की लेकिन कई प्रकरण अनसुलझे ही रह गए। हाल के अभियानों में पुराने अपराधों और लंबित वारंट को प्राथमिकता देने के चलते यह मामला भी सामने आया।
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