जबलपुर में ठंडे भजिए को लेकर बवाल, सड़क पर उतरा जैन समाज, पुलिस ने की लाठीचार्ज

जबलपुर स्थित कमानिया गेट इलाके में शुक्रवार भजिए को लेकर विवाद काफी हिंसक हो गया। जिसके बाद जैन समाज के लोग वहां प्रदर्शन करने बैठ गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

Updated: Jan 03, 2026, 06:04 PM IST

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित कमानिया गेट इलाके में शुक्रवार देर रात हालात उस वक्त बेकाबू हो गए जब एक मामूली विवाद ने सामुदायिक तनाव का रूप ले लिया। शहर के मशहूर बड़कुल स्वीट्स पर भजिया खाने गए एक व्यापारी और दुकान के मैनेजर के बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट और बड़े बवाल में बदल गई।

जानकारी के अनुसार, ग्राहक राजकुमार जैन ने भजिया ठंडे होने की शिकायत की थी। इसी बात को लेकर काउंटर पर बैठे कर्मचारी से उनकी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान कर्मचारी ने अन्य स्टाफ को बुला लिया और फिर मिलकर व्यापारी के साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि इस दौरान जैन समाज को लेकर अपशब्द कहे गए जिससे मामला और ज्यादा भड़क गया।

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घटना की खबर फैलते ही कुछ ही समय में जैन समाज के सैकड़ों लोग बड़कुल स्वीट्स के बाहर इकट्ठा हो गए। आक्रोशित लोग मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस के बजाय अपने हवाले करने की मांग पर अड़ गए। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी युवक जान बचाने के लिए दुकान के अंदर ही छिप गए। दो पक्षों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुलाया गया।

तनाव बढ़ने के साथ ही हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने कमानिया गेट से लेकर खोवा मंडी और फुहारा तक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजीं। बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज में जैन समाज के कई लोगों को चोटें भी आई हैं।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और एहतियातन इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं लेकिन किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। गौरतलब है कि कमानिया गेट और बड़ा फुहारा क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। यहां जैन समाज के हजारों परिवार रहते हैं और इससे पहले भी इस इलाके में विभिन्न समुदायों के बीच हिंसक झड़प की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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