मौसम विभाग: आज से शुरू हो रहा नौतपा, शुरुआत के दिनों में रहेगी तापमान में लरमी

मौसम वैज्ञानिक पीके साहा के अनुसार प्रदेश में साइक्लोन यास का असर दिखाई देगा। 29 मई के बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन का तापमान 45 पार पहुँचने की संभावना जताई है।

Updated: May 25, 2021, 10:17 AM IST

मौसम विभाग: आज से शुरू हो रहा नौतपा,  शुरुआत के दिनों में रहेगी तापमान में लरमी
Photo courtesy: bhaskar

भोपाल। आज से नौतपा की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मौसम विभाग ने भोपाल में गर्मी और बारिश के कारण ठंड रहने की संभावना जताई है। यह 25 मई से 2 जून रहेगा। इस दौरान 25 और 26 मई को गर्मी बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने दो दिन बारिश होने की संभावना जताई है जिसके कारण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिक पीके साहा के अनुसार साइक्लोन यास का असर कम होने से सूरज के तेवर तीखे होने लगेंगे।

 

इससे 2 जून तक तापमान में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि बीते 10 साल से जून का पहला सप्ताह ही सबसे ज्यादा तप रहा है। वर्ष 2016 में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन इस बार इसके पास पहुंचने की उम्मीद कम  है।

पीके साहा ने बताया कि भोपाल में अधिकतम तापमान वर्ष 2016 में 46.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यह अब तक का सबसे ज्यादा था। हालांकि मई माह में नौतपा के दौरान अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। साहा के मुताबिक मौसम विभाग नौ तपा के अनुसार रिकॉर्ड नहीं बनाती है, लेकिन 25 मई के बाद तापमान में बढ़ोतरी होना शुरू होती है। हालांकि बीते करीब 10 साल से जून के पहले सप्ताह में ही अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है।


ज्योतिषाचार्य विनोद गौतम ने बताया कि  इस बार नौतपा में ग्रह स्थिति के अनुसार बारिश के योग बनेंगे नौतपा के समय सूर्य की सीधी लंबवत किरणें पृथ्वी पर पढ़ती हैं जिससे तीव्र ग्रीष्म कालांश 9 दिन का शुरू हो जाता है परंतु इस बार ग्रह स्थिति एवं शनि की वक्र गति का प्रभाव नौतपा के प्रभाव को कमजोर करेगा जिससे गर्माहट में कमी रहेगी एवं कई जगह बारिश तथा आंधी तूफान के योग का प्रभाव परिलक्षित होगा कहते हैं नौतपा में जितनी ज्यादा गर्मी पड़ती है भविष्य गत मौसम बारिश का प्रभाव उतना ही अधिक उत्तम होता है इन 9 दिनों में तपन काल इतना बढ़ जाता है कि समुद्र नदियों से जल तीव्रता के साथ अवशोषित होता है यह समय वर्षा के गर्भ काल का समय होता है इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में भ्रमणरत होकर बारिश के योग निर्मित करता है यह तपन काल है 9 दिनों का होता है इस समय भारी लू का प्रकोप होता है जिससे जनमानस को सावधानी रखने की अपेक्षा होती है।