इतने जूते खाने के बाद भी आ गया, भाजपा की लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा में समाजसेवी पर भड़के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी प्रहलाद पांडे पोस्टर लेकर पहुंचे। जिसमें लिखा था- ‘30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल।’ इसे देखकर विजयवर्गीय नाराज हो गए।

Updated: Oct 30, 2026, 03:52 PM IST

इंदौर। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरूद्ध विपक्ष देशभर में आंदोलनरत है। विपक्ष के आंदोलन के जवाब में अब सत्तापक्ष द्वारा भी लोकतंत्र बचाओ अभियान लॉन्च किया गया है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को इंदौर में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यात्रा करीब डेढ़ किमी दूर पाटनीपुरा चौराहे पर समाप्त हुई।

इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक समाजसेवी को देख अपना आप खो बैठे। दरअसल, समाजसेवी प्रहलाद पांडे इस कार्यक्रम में एक पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इसपर लिखा था- ‘30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल।’ इसे देखकर विजयवर्गीय भड़क गए। उन्होंने कहा कि एक न्यूसेंस यहां पर आ गया। जहां जवाब देना है हम देंगे। अभी तो यहां से जा, नहीं तो फिर लोग जवाब दे देंगे फ्री-फंड में।

उन्होंने मंच से ही अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि इसका कागज ले लो। साथ ही पुलिस अफसरों को बुलाकर कहा कि इसे जरा गाड़ी में बैठा दो थोड़ी देर के लिए। यहां दिखना नहीं चाहिए। वे इतने पर नहीं रुके। उन्होंने गाली देते हुए कहा कि ये साला इतने जूते खाने के बाद भी यहां पर आ गया जबरदस्ती में। सोशल मीडिया पर कैलाश विजयवर्गीय के इस गुंडागर्दी का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

बता दें कि बीजेपी के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, भाजपा के प्रदेश प्रभारी विप्लब देव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। लेकिन किसी ने समाजसेवी के साथ बदतमीज़ी कर रहे विजयवर्गीय को रोकने की जहमत नहीं उठाई। मंत्री विजयवर्गीय ने इसे राष्ट्र भक्तों की रैली बताते हुए समाजसेवी प्रहलाद पांडे को पुलिस हिरासत में भेज दिया। बता दें कि प्रहलाद पांडे ने इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर भी प्रदर्शन किया था। उस समय भी पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गई थी।

कार्यक्रम के दौरान मंच से सीएम मोहन यादव ने लोगों को एक शपथ भी दिलाई। इसमें कहा गया, 'हम भारत के संविधान, विधि के शासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। जनादेश का अपमान करने और देश में अराजकता फैलाने वाली हर साजिश का डटकर विरोध करेंगे। हम अपनी युवा पीढ़ी को भ्रम और भटकाव से बचाकर सही दिशा देंगे। स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे। हम लोकतंत्र बचाएंगे और अराजकता हटाएंगे।'