शिक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थियों से मिले दिग्विजय सिंह, शिक्षक दिवस तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो करेंगे भूख हड़ताल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारी शिक्षकों की मांगें नहीं मानीं गईं तो शिक्षक दिवस से वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।
भोपाल। शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे आंदोलन में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शामिल हुए। सिंह ने धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षक दिवस तक अभ्यर्थियों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे स्वयं 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने इस दौरान कहा कि उनके जीवन में स्वास्थ्य और शिक्षा हमेशा सबसे महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए। उनके मुताबिक करीब 45 हजार नए स्कूल खोले गए थे। साथ ही शिक्षकों की भर्ती का अधिकार भोपाल से हटाकर स्थानीय स्तर पर दिया गया था। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाती थी। सिंह ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था और सिलेबस में बदलाव का असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है, जिन्होंने वर्षों तक पुराने सिलेबस के आधार पर पढ़ाया है और अब उन्हें नए सिलेबस के अनुसार परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है।
रिक्त पदों को लेकर उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर सरकार इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं कर रही है? आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और रोजगार देने के बजाय युवाओं को दूसरे मुद्दों में उलझाने की है। सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में शिक्षा और रोजगार की जगह राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। राम मंदिर के चंदे को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए और भाजपा तथा संघ से जुड़े संगठनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
बता दें कि वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर नीलम पार्क में अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। एक दिन पहले अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके बाद अन्य अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन शुरू किया है। बुधवार को धरने के दौरान महिला अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राखी भी बांधी।




