MP: लिम्बोदा में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का भव्य स्वागत, कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं

यात्रा के जरिए 'चंदा चोरी' और 'वोट चोरी' के मुद्दों पर भी आवाज उठाई जा रही है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि धार्मिक आस्था का सम्मान और संविधान की भावना की रक्षा, दोनों जरूरी हैं।

Updated: Oct 29, 2026, 03:13 PM IST

राजगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दसवें दिन गुरुवार को राजगढ़ जिले के लिम्बोदा गांव में भव्य स्वागत हुआ। यात्रा के स्वागत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा निकाली। श्रद्धा, उत्साह और आत्मीयता के साथ हुए इस स्वागत में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कलश यात्रा के बाद गांव में एक विशाल सभा का भी आयोजन भी हुआ, जिसमें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरी और वोट चोरी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग दोहराई।

लिम्बोदा में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के आगमन के अवसर पर मातृशक्ति ने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा की अगवानी की। महिलाओं की बड़ी भागीदारी और ग्रामीणों के उत्साह से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान लोगों ने पुष्पवर्षा के साथ दिग्विजय सिंह का स्वागत किया। सभा में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। यात्रा को मिल रहा जनसमर्थन सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाता है। 

दिग्विजय सिंह "सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा" के माध्यम से लगातार सनातन धर्म के मूल संदेश को सामने रख रहे हैं। उनका कहना है कि सनातन धर्म का मूल उद्देश्य प्रेम, सत्य, सद्भाव, करुणा और दया है। सभी धर्मों का सम्मान करना और समाज में भाईचारे की भावना बनाए रखना जरूरी है। धर्म के नाम पर नफरत और कटुता फैलाना सनातन धर्म की मूल भावना के विपरीत है। धर्म लोगों को जोड़ता है, जबकि धर्मांधता समाज में नफरत और वैमनस्य पैदा करती है।

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा धार्मिक आस्था के साथ पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों से जुड़े सवालों को भी उठा रही है। दिग्विजय सिंह राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और सोने-चांदी की ईंटों का हिसाब सार्वजनिक करने तथा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यात्रा के जरिए चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों पर भी आवाज उठाई जा रही है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था का सम्मान करने के साथ संविधान की भावना और सामाजिक सद्भाव की रक्षा करना भी जरूरी है। 

गुरुवार सुबह खुजनेर से शुरू हुई पदयात्रा चौड़ापुरा, मवासा जोड़ और खीमाखेड़ी होते हुए लिम्बोदा पहुंची। यहां मातृशक्ति की भव्य मंगल कलश यात्रा और ग्रामीणों के स्नेहपूर्ण स्वागत के बाद यात्रा के पहले सत्र का विराम हुआ। दोपहर भोजन और विश्राम के बाद पदयात्रा चाटूखेड़ा, कल्पोनी और चौंसला जोड़ होते हुए आगे बढ़ेगी। यात्रा का रात्रि विश्राम ग्राम करेड़ी स्थित श्री मनकामनेश्वर परिसर में निर्धारित है।