मानहानि केस में पूर्व CM दिग्विजय सिंह को मिली ज़मानत, कोर्ट से बाहर आते ही RSS पर साधा निशाना

दिग्विजय सिंह पर RSS के खिलाफ बयान देने को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है, लेकिन पचास हज़ार के मुचलके पर छूटे सिंह ने फिर पूछा है कि जो संस्था पंजीकृत है ही नहीं और जिसका कोई सदस्य भी नहीं उसकी मानहानि का कैसे हुई

Updated: Sep 24, 2022, 04:27 PM IST

मानहानि केस में पूर्व CM दिग्विजय सिंह को मिली ज़मानत, कोर्ट से बाहर आते ही RSS पर साधा निशाना

ग्वालियर। मानहानि के एक मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को ग्वालियर कोर्ट ने ज़मानत दे दी है। ज़मानत मिलने के बाद न्यायालय से बाहर आते ही पूर्व सीएम ने एक बार फिर आरएसएस को निशाने पर लिया। सिंह ने कहा कि जो संस्था रजिस्टर्ड ही नहीं है, उसकी मानहानि कैसे हो गई।

ग्वालियर जिला न्यायालय ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को जमानती वारंट पर तलब किया था। सिंह शनिवार सुबह श्रीधाम एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकातके बाद वे नियत समय पर विशेष न्यायाधीश महेंद्र सैनी की अदालत में पेश हुए। यहां सिंह के वकीलों ने ज़मानत आवेदन पेश किया। न्यायालय ने 50 हजार के मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी और 22 नवंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए।

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न्यायालय से बाहर आने के बाद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मीडिया से बातचीत के दौरान आरएसएस पर हमलावर दिखे। सिंह ने कहा कि, 'इस प्रकार का केस पहले भी मुझ पर लग चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि जो संस्था रजिस्टर्ड नहीं है, न हीं जिसके पास कोई मेंबरशिप और न कोई बैंक अकाउंट है, उस संस्था की मानहानि भला कोई कैसे कर सकता है।'

क्या है पूरा मामला

दरअसल, अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने RSS और BJP के खिलाफ बयान देने को लेकर दिग्विजय सिंह पर मानहानि का केस दायर किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 31 अगस्त 2019 को दिग्विजय सिंह ने भिंड के एक राजनीतिक कार्यक्रम में कहा था कि बीजेपी और आरएसएस आतंकवाद को बढ़ावा दे रही हैं। आखिर क्या वजह है कि जितने भी लोग पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वह भाजपा, आरएसएस व बजरंग दल से पैसे ले रहे हैं या उनका संबंध किसी न किसी रूप में इन्हीं संस्थाओं से जुड़ा है। दिग्विजय सिंह के खिलाफ इसी बयान को लेकर स्थानीय वकील ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जिनकी अगली सुनवाई बाइस नवंबर को मुकर्रर हुई है।