इंदौर की सड़कों पर उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम, भर्तियां शुरू करने की मांग को लेकर विशाल तिरंगा मार्च

रविवार शाम करीब 10-15 हजार युवा इंदौर की सड़कों पर उतरे, NEYU के बैनर तले ये युवा भर्ती शुरू करने की मांग कर रहे हैं, वे पिछले पांच दिनों से सत्याग्रह पर बैठे हैं

Updated: Sep 26, 2022, 08:31 AM IST

इंदौर की सड़कों पर उमड़ा बेरोजगारों का हुजूम, भर्तियां शुरू करने की मांग को लेकर विशाल तिरंगा मार्च

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में शुरू भर्ती सत्याग्रह के पांचवें दिन युवा सड़कों पर उतर चुके हैं। 10-15 हजार से ज्यादा युवक-युवतियां NEYU के बैनर तले सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। युवाओं का हुजूम दीनदयाल उपाध्याय पार्क से हाथों में तिरंगा लेकर भंवरकुआं चौराहा, नवलखा चौराहा, जीपीओ चौराहा, गीताभवन चौराहा से होते हुए पलासिया और वहां से रीगल चौराहे की ओर बढ़ रहे हैं।

रीगल चौराहे पर ये युवा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गांधी प्रतिमा को ज्ञापन सौंपेंगे।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ ने कहा कि अभी इंदौर में अनिश्चितकालीन भर्ती सत्याग्रह चल रहा है, यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे भोपाल तक पदयात्रा करेंगे और भोपाल में भी अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।

बता दें कि ये युवा पिछले 21 सितंबर से ही सत्याग्रह पर बैठे हैं। वे बेरोजगारी की समस्या का समग्र समाधान निकालने के लिए मध्य प्रदेश रोजगार कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग ये है कि पिछले कई सालों से रुकी हुई सभी भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल पूरा किया जाए। साथ ही MPPSC की 2019, 2020 और 2021 की भर्तियां जल्द से जल्द पूरी की जाएं। इसके अलावा उन्होंने व्यापम के एक लाख पदों (जिसमें एसआई, पटवारी, कॉन्स्टेबल, एग्रीकल्चर इत्यादि शामिल हैं) को तत्काल भरने की मांग की है।

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा के बताया था कि प्रदेशभर में 25 लाख 80 हजार रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं। खास बात ये है कि इनमें करीब 20 लाख लोगों ने पिछले 2 वर्षों में रजिस्ट्रेशन कराया है। बेरोजगारों में करीब 10 लाख ओबीसी, 8 लाख सामान्य और साढ़े सात लाख एससी-एसटी वर्ग के लोग शामिल हैं।

आंकड़ों के मुताबिक सबसे बेरोजगार ग्वालियर में हैं। यहां रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 1 लाख 55 हजार है। बेरोजगारी के मामले में दूसरे स्थान पर राजधानी भोपाल है। यहां 1 लाख 31 हजार रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं। बेरोजगारी में तीसरा स्थान विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले का है। यहां 1 लाख 9 हजार रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं।चौथे और पांचवें स्थान पर इंदौर और मुरैना है जहां रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 1 लाख 2 हजार के आसपास है।