बिक गई 50 एकड़ जमीन, 8 महीना चला इलाज, फिर भी कोरोना से नहीं बची किसान की जान

मध्य प्रदेश के रीवा निवासी किसान धर्मजय सिंह की हुई कोरोना से मौत, इलाज में खर्च हुए 8 करोड़ रुपए, उन्नत खेती के लिए राष्ट्रपति भी कर चुके थे सम्मानित, स्ट्रॉबेरी और गुलाब की खेती ने दिलाई पहचान

Updated: Jan 13, 2022, 03:38 PM IST

बिक गई 50 एकड़ जमीन, 8 महीना चला इलाज, फिर भी कोरोना से नहीं बची किसान की जान

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के किसान धर्मजय सिंह आखिरकार कोरोना से जंग हार गए। धर्मजय का कोरोना का इलाज देश में सबसे लंबा चला। करीब आठ महीने के इलाज में उनकी 50 एकड़ जमीन बिक गई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। धर्मजय की मौत के बाद पूरे विंध्य क्षेत्र में गम का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक धर्मजय सिंह पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में वायरस की चपेट में आ गए थे। तब उन्हें इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया। परिजन धर्मजय को एयरलिफ्ट कर चेन्नई के एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां वह 8 महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। बीते मंगलवार को आठ महीने बाद वे जिंदगी की जंग हार गए।

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धर्मजय के परिजनों ने बताया कि उनके इलाज पर तकरीबन 8 करोड़ रुपये खर्च हुए है। चेन्नई में प्रतिदिन का खर्च 3 लाख रुपए से ज्यादा आता था। इसके लिए परिजनों ने करीब 50 एकड़ की पुश्तैनी जमीन भी बेच दी। परिजनों के मुताबिक चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में लंदन के विशेषज्ञ चिकित्सकों की मॉनिटरिंग में उनका लगातार इलाज चल रहा था। उन्हें बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया गया लेकिन वे बच नहीं सके। अंतिम संस्कार के लिए उन्हें चेन्नई से एयरलिफ्ट कर रीवा लाया जाएगा।

धर्मजय सिंह का नाम विंध्य क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों की सूची में सम्मान के साथ लिया जाता था। उनके परिवार के पास तकरीबन 200 एकड़ जमीन है। उन्होंने किसानी जीवन में कई तरह के प्रयोग किए। स्ट्रॉबेरी और गुलाब की खेती कर वे सुर्खियों में आए। उनके जमीन पर आज भी स्ट्रॉबेरी और गुलाब की खेती होती है। खेती किसानी में उन्नत प्रयोग के लिए उन्हें राष्ट्रपति भी सम्मानित कर चुके हैं। बीते साल 26 जनवरी को रीवा में ध्वजारोहण करने पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी उनका सम्मान किया था।