नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को बताया गुटबाज़ों की पार्टी, कहा सिर्फ़ तीन गुटों में बंटी पार्टी

नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक कांग्रेस में तीन गुट ही अब बचे रह गए हैं। राहुल, दिग्विजय सिंह और कमल नाथ के गुटों में बंट गयी है कांग्रेस पार्टी, कुछ दिन पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था बीजेपी में अब सिर्फ़ दो ही हैं सीएम के दावेदार

Updated: Jul 22, 2021, 04:15 PM IST

नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को बताया गुटबाज़ों की पार्टी, कहा सिर्फ़ तीन गुटों में बंटी पार्टी

भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी में गुटबाजी की चर्चा के बीच गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को ही गुटों पर आधारित पार्टी करार दे दिया है। शिवराज सरकार में नंबर दो माने जानेवाले और शिवराज चौहान के बाद मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार, नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस को गुटबाजों की पार्टी करार दिया है। नरोत्तम मिश्रा का आरोप है कि कांग्रेस अब सिर्फ तीन गुटों में रह गयी है। एक गुट राहुल का है, दूसरा कमल नाथ और तीसरा दिग्विजय सिंह का गुट। मिश्रा का दावा है कि इसके इतर कांग्रेस का कोई अस्तित्व मध्य प्रदेश में नहीं है। 

नरोत्तम मिश्रा बुधवार को भोपाल में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस में कोई संगठन थोड़े ही काम करता है। वहां तो कमल नाथ गुट का, पचौरी गुट का, अजय सिंह राहुल गुट का, दिग्विजय गुट का बोलबाला है। यही गुट कार्यकर्ताओं के भविष्य तय करते हैं। असल में दो दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट किया था जिसमें नरोत्तम मिश्रा और अन्य के सीएम बनने के दावे कमज़ोर पड़ने की तरफ इशारा था। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, अब दो ही लोग सीएम बनने की रेस में बचे रह गए हैं। एक पीएम मोदी समर्थित- प्रह्लाद पटेल और दूसरा संघ समर्थित- वीडी शर्मा। बीजेपी में इस बयान के बाद से ही हलचल देखने को मिल रही है। 

नरोत्तम मिश्रा का बयान दिग्विजय सिंह की उसी टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। अपने इस बयान को नरोत्तम मिश्रा ने ट्विटर हैंडल पर साझा करते हुए कहा है कि, कांग्रेस की पूरी राजनीति जाति और गुटों में ही बची रह गयी है। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस एक डूबता जहाज है जिस पर अब कोई सवारी नहीं करना चाहता है। 

नरोत्तम मिश्रा के इन दावों के विपरीत उनकी खुद की पार्टी में गुटबाजी की चर्चा जोरों पर है। कमल नाथ की सरकार गिराने के बाद बनी बीजेपी की सरकार में शुरू से ही शिवराज चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच रस्साकशी देखने को मिली है। अनेक ऐसे मौके आए हैं जब शासकीय कामों को लेकर भी दोनों आमने सामने दिखे हैं। नरोत्तम मिश्रा खुद बीजेपी में एक गुट का नेतृत्वकर्ता माने जाते हैं।

मध्य प्रदेश में शिवराज विरोधी गुटों में एक नाम नरोत्तम मिश्रा का है। लेकिन सीएम की रेस में कभी वीडी शर्मा, कभी नरेंद्र सिंह तोमर, कभी प्रह्लाद पटेल तो कभी नरोत्तम मिश्रा आे दिन चर्चा का विषय रहते हैं। नरोत्तम मिश्रा चूंकि कांग्रेस सरकार गिराने में अहम भूमिका निभा चुके हैं, इसलिे उनकी मुख्यमंत्री बनने की दावेदारी तगड़ी मानी जाती है। 

इस वजह से खुद बीजेपी की आंतरिक गुटबाजी की खबरें आएदिन सुर्खियों में रहती हैं। जब भी कैबिनेट बैठक में शिवराज सरकार के मंत्रियों के बीच  कहासुनी और भिडंत सामने आती है, एक खबर बीजेपी में सक्रिय गुटबाजी की सामने आ ही जाती है। लेकिन चार दौर के सीएम शिवराज को इन गुटबाजियों से अब तक कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका है। ऐसा प्रतीत होता है कि नरोत्तम मिश्रा अपनी पार्टी में कमज़ोर पड़ रहे हैं। उनका यह दावा इसी खीझ को बयान करता दिखता है।