भोपाल में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए कम पड़ने लगी जगह, अस्थाई श्मशान बनाने की हो रही है तैयारी

पहले भदभदा विश्राम घाट पर प्रतिदिन अधिकतम 20 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था थी, लेकिन अब दो एकड़ की जगह में बुलडोजर चलाकर अस्थाई विश्राम घाट की व्यवस्था कर दी गई है

Updated: Apr 12, 2021, 11:57 AM IST

भोपाल में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए कम पड़ने लगी जगह, अस्थाई श्मशान बनाने की हो रही है तैयारी

भोपाल। कोरोना के सरकारी आंकड़ों के बीच भोपाल के श्मशान घाट का मंज़र भयावह हो चला है। स्थिति इतनी बेकाबू हो चुकी है कि श्मशान घाट पर शव जलाने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। भदभदा श्मशान घाट में अब इस चुनौती से निपटने के लिए अस्थाई श्मशान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

दरअसल हर रोज विश्राम घाट की क्षमता से ज्यादा शव पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि अब विश्राम घाट कमेटी नई जगह तैयार कर रही है।जिससे कि शवों के अंतिम संस्कार में किसी तरीके की कोई दिक्कत न हो। भदभदा और सुभाष विश्राम घाट में कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए स्थान नहीं मिल रहा है, हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं।

भदभदा विश्राम घाट कमेटी के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने बताया कि अब 10 से 12 शवों के रोजाना अंतिम संस्कार के लिए नई जगह तैयार की है। पहले 18 से 20 लाशों के अंतिम संस्कार की विश्राम घाट में व्यवस्था थी।

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2 एकड़ में तैयार हो रहा अस्थायी घाट

भदभदा विश्राम घाट में अभी 10 से 12 शवों के अंतिम संस्कार के लिए जगह तैयार की गई थी, लेकिन अब विश्राम घाट परिसर में खाली पड़ी 2 एकड़ पर बुलडोजर चलाकर उसे अस्थाई रूप से विश्राम घाट में तब्दील किया जा रहा है। यहां पर 30 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाएगी. दो-तीन दिन में इस विश्राम घाट में 50 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था हो सकेगी।वहीं सुभाष विश्राम घाट में खाली पड़े पार्क में अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है।