इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस शम्भू सिंह का निधन, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने जताया शोक
इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शम्भू सिंह का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे।

इंदौर। इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस शम्भू सिंह का गुरुवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने 85 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। वे राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील अंतर्गत ढाबला गांव के रहने वाले थे। उनके निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने लिखा, 'सौम्य, सरल और अपने जीवन काल में जनकल्याण, क्षेत्र कल्याण, दिन दुखियों रोगियों की सहायता करने वाले पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय श्री शंभूसिंह जी, के दुखद निधन पर मुझे बहुत दुःख हुआ है। वे मेरे बड़े भाई थे। सभी परिवार जनों को मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ॐ शांति।'
बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन हालत गंभीर बनी रही। शुक्रवार रात परिजन उन्हें वेंटिलेटर एम्बुलेंस से पैतृक गांव ढाबला लेकर आए, जहां रात 11:58 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार के अनुसार जस्टिस शम्भू सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पैतृक गांव ढाबला में होगा। निधन की खबर फैलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। जस्टिस शम्भू सिंह अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष फैसलों, ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए पहचाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
साल 2004 में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में राजगढ़ लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी पहचान न्यायप्रिय और सरल स्वभाव वाले नेता के रूप में बनी रही। उनके निधन से न्यायिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।