हाईटेंशन टावर के नीचे से निकाली सड़क, 90 डिग्री पुल के बाद भोपाल में एक और अजूबा

करोंद की विनायक कॉलोनी में कई साल से हाईटेंशन का पोल एफिल टॉवर जैसा खड़ा है। आश्चर्य की बात ये है कि इसके नीचे से ही सड़क भी निकाल दी गई।

Updated: Feb 10, 2026, 12:49 PM IST

भोपाल। राजधानी भोपाल में इंजीनियरिंग का एक और अजूबा सामने आया है। 90 डिग्री ब्रिज के बाद अब शहर को हाईटेंशन टावर के नीचे सड़क का सौगात मिला है। राजधानी के करोंद इलाके में बिजली के टावर को बीचों-बीच छोड़कर सड़क निकाल दी गई है, जो न सिर्फ शहरी योजना पर सवाल खड़े करती है बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को भी सीधे खतरे में डालती है। विकास के नाम पर किया गया यह प्रयोग अब शहर में चर्चा और चिंता का विषय बन गया है।

करोंद की विनायक कॉलोनी में कई साल से हाईटेंशन का पोल एफिल टॉवर जैसा खड़ा है। आश्चर्य की बात ये है कि इसके नीचे से ही सड़क भी निकाल दी गई। लोग पैदल चलने के साथ अपनी कार और मोटरसाइकिलों से आना-जाना भी करते हैं। ऐसे में हाईटेंशन लाइन के चपेट में आने का डर बना रहता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके वार्ड में एफिल टावर सा नजर आने वाला यह टावर कई सालों से खड़ा है। पहले आसपास कोई घनी आबादी नहीं थी, लेकिन समय के साथ यहां लगातार बसावट बढ़ती गई। अब स्थिति ये है कि बड़ी संख्या में परिवार इस क्षेत्र में रहने लगे हैं। ऐसे में इस हाईटेंशन टावर का खतरा अब और भी बढ़ गया है। इससे जोखिम कई गुना बढ़ गया है।

रहवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। टावर के नीचे से बड़ी गाड़ियां नहीं निकल पातीं और हाईटेंशन लाइन से करंट फैलने का डर हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जरा सी चूक या तकनीकी खराबी अचानक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

रहवासियों की मांग है कि जनसंख्या के बीच खड़े इस हाईटेंशन टावर को जल्द से जल्द हटाया जाए या किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि आम लोगों की जान का जोखिम जल्द दूर किया जा सके। बता दें कि इसके पहले भोपाल के ऐशबाग इलाके में 90 डिग्री टर्न वाला ब्रिज सुर्खियों में था। मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने ब्रिज के दोनों छोर पर दीवार खड़ी कर दी है।