MP में भीषण गर्मी का कहर, 20 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट, महीने के अंत में बारिश की उम्मीद
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी चरम पर है, 20 से अधिक जिलों में लू का अलर्ट जारी है। खजुराहो में तापमान 44°C के करीब पहुंच गया। कई शहरों में पारा 40 डिग्री पार है।
मध्य प्रदेश में इन दिनों गर्मी ने तीखा रूप ले लिया है। शनिवार को मौसम विभाग ने ग्वालियर और उज्जैन संभाग सहित 20 से ज्यादा जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। तापमान कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। जबकि, छतरपुर का खजुराहो सबसे गर्म दर्ज किया गया है। वहां पारा 44 डिग्री के करीब पहुंच गया।
प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही तेज धूप का असर दिखने लगता है और दोपहर तक गर्मी असहनीय हो जाती है। भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों का समय घटाया गया है लेकिन छुट्टी नहीं दी गई है। जिसकी वजह से बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी में घर लौटना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, जिन जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं। अन्य जिलों में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहने की संभावना है।
शुक्रवार को दर्ज तापमान पर नजर डालें तो खजुराहो में अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। जबकि। नौगांव में 43.5 डिग्री रहा। रतलाम में 43.2 डिग्री, सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री, दमोह में 42.6 डिग्री, मंडला और रीवा में 42.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। धार, सीधी और रायसेन में पारा 42.4 डिग्री तक पहुंचा, वहीं दतिया और नर्मदापुरम में 42.3 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर और शाजापुर में 42.2 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां 42.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि, राहत की खबर भी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल के आखिरी दिनों में मौसम बदल सकता है। 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को वजह बताया जा रहा है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में लंबे समय तक न रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल और मई को प्रदेश में गर्मी के चरम का समय माना जाता है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ने लगता है जैसा कि इस समय देखने को मिल रहा है।
इस साल मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। जनवरी में बारिश नहीं हुई लेकिन फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला है। फरवरी में कई बार ओले, बारिश और आंधी आई, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। वहीं, मार्च में भी एक तरफ तेज गर्मी पड़ी तो दूसरी तरफ कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को प्रभावित किया।




