इंदौर में मेडिकल स्टूडेंट के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड, ठगों ने ट्रांसफर कराए 15 लाख रूपए
इंदौर में साइबर ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं। एमजीएम कॉलेज के छात्र से टेलीग्राम टास्क के नाम पर करीब 15 लाख रुपये ठगे गए। वहीं, क्रेडिट कार्ड चार्ज कम कराने के बहाने एक महिला से 5.70 लाख की ठगी हुई।
इंदौर। इंदौर में साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग तरीकों से लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पहला मामला एमजीएम कॉलेज के छात्र से जुड़ा है जिसे ऑनलाइन टास्क और बोनस का लालच देकर करीब 15 लाख रुपये ठग लिए गए। दूसरा मामला क्रेडिट कार्ड पर चार्ज कम कराने के नाम पर की गई ठगी का है जिसमें एक महिला के खाते से 5.70 लाख रुपये निकाल लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला संयोगितागंज थाना क्षेत्र का है। एमजीएम कॉलेज के छात्र और एमजीएम बॉयज होस्टल निवासी कृष्णकुमार कुमावत ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास कल्यानी एस नाम की महिला का मैसेज आया था। कॉल पर महिला ने खुद को शिप्पो कंपनी से जुड़ा बताया। मैसेज में ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर बोनस मिलने का ऑफर दिया गया। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम लिंक के जरिए एक ग्रुप में जोड़ दिया गया।
9 दिसंबर को पहला टास्क दिया गया जिसे पूरा करने पर उनके अकाउंट में 1,000 रुपये क्रेडिट किए गए। इससे भरोसा बना और उसी दिन 9,000 रुपये डिपॉजिट करने का ऑफर दिया गया। कहा गया कि रकम जमा करने पर 56 टास्क मिलेंगे। कृष्णकुमार ने यूपीआई से पैसे ट्रांसफर किए। इसके बदले उन्हें 15,000 रुपये का बोनस दिखाया गया। इसके बाद 11 दिसंबर को फिर 9,000 रुपये जमा कराए गए और इस बार 35,000 रुपये का बोनस मिलने की बात कही गई।
टास्क और बोनस का सिलसिला चलता रहा। अलग-अलग चरणों में उनसे कई अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। इस तरह कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपये जमा करा लिए गए। लंबे समय तक सिर्फ स्क्रीन पर बोनस और रिवॉर्ड दिखते रहे लेकिन असल में रकम वापस नहीं मिली। 3 जनवरी 2026 को उनके अकाउंट में केवल 51,000 रुपये ही वापस आए। जब कृष्णकुमार ने बाकी पैसे मांगे और टेलीग्राम व व्हाट्सएप पर संपर्क किया तो आरोपियों ने उन्हें ब्लॉक कर दिया।
शिकायत मिलने पर संयोगितागंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संबंधित बैंक अकाउंट्स में फंसी रकम को फ्रीज कराने की प्रक्रिया में है और यह पता लगाया जा रहा है कि पैसे किन-किन खातों में ट्रांसफर किए गए।
वहीं, दूसरा मामला द्वारकापुरी थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां क्रेडिट कार्ड पर कम चार्ज का प्लान एक्टिव कराने के नाम पर एक महिला से ठगी की गई। सायबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार, स्कीम नंबर 71 निवासी प्रगति जैन को 30 दिसंबर को एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को HDFC बैंक का प्रतिनिधि तुषार शर्मा बताया।
आरोपी ने कहा कि 1 जनवरी से उनके क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले चार्ज में छूट दी जा सकती है और कुछ नई पॉलिसी एक्टिव कराई जाएंगी। इसके लिए प्रगति से एक जिप ऐप डाउनलोड कराई गई और एक लिंक पर क्लिक करवाया गया। इसके बाद उनके अकाउंट से पहली बार 1,90,000 रुपये निकल गए। कुछ देर बाद दूसरी ट्रांजैक्शन में 3,80,000 रुपये और कट गए।
तीसरी बार जब कॉल आया तब प्रगति को ठगी का शक हुआ। उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और शनिवार को आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस दोनों मामलों को गंभीर मानते हुए जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन, बैंक अकाउंट्स और डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि टेलीग्राम टास्क, ऑनलाइन बोनस या बैंक से जुड़े अनजान कॉल और ऐप्स से सावधान रहें क्योंकि ऐसे ऑफर अक्सर साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।




