इतिहास को मिटाने की नहीं, सम्मान देने की जरूरत, RGPV के नाम बदलने की खबरों पर बरसे दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री और तकनीकी क्रांति के सूत्रधार रहे राजीव गांधी जी के नाम को हटाना उचित नहीं है।

Updated: May 17, 2026, 03:33 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का नाम बदलने और इसे तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी में है। देशभर के लाखों स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग समेत अन्य विषयों की डिग्री देने वाले इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान का नाम बदले जाने की खबरों पर सियासत गर्म है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास को मिटाने की नहीं, बल्कि सम्मान देने की जरूरत।

दिग्विजय सिंह ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री और तकनीकी क्रांति के सूत्रधार रहे राजीव गांधी जी के नाम को हटाना उचित नहीं है। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से आग्रह करता हूँ कि RGPV का नाम यथावत रखा जाए। इतिहास और योगदान को मिटाने की नहीं, सम्मान देने की आवश्यकता है।'

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, 'पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने भारत में तकनीकी और आधुनिक शिक्षा की नींव मजबूत करने का ऐतिहासिक कार्य किया। मध्यप्रदेश में हमारी सरकार ने वर्ष 1998 में उनके योगदान के सम्मान में ‘राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV)’ की स्थापना की, जो आज प्रदेश का सबसे बड़ा तकनीकी विश्वविद्यालय है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का नाम परिवर्तित करना उचित नहीं है।'

बता दें कि मध्य प्रदेश की मशहूर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा साल 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा अधिनियम 13, 1998 के तहत की गई थी। इस विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य रूप से इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेज को मान्यता व स्टूडेंट्स को डिग्री प्रदान की जाती है। दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए बने इस विश्वविद्यालय का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था।

इससे पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर भाजपा स्व श्री राजीव गांधी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को जनस्मृति से भुलाना चाहती है। भाजपा ख़ुद कोई नवनिर्माण का कार्य नहीं कर सकती, केवल कांग्रेस के कार्यों का नाम बदलकर उस पर नई नाम पट्टिका लगाती है।भाजपा की यह सोच निंदनीय है। नाम हटाकर राजीव जी का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। बेहतर होता बीजेपी नाम बदलने की जगह विश्वविद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान देती।