नल का पानी पीने से बीमार पड़ सकते हैं, उज्जैन में नगर निगम की मुनादी से लोगों में दहशत
उज्जैन नगर निगम द्वारा एक ई-रिक्शा से शहर के कुछ क्षेत्रों में दो दिन पहले मुनादी करवाई गई कि क्षेत्र में दूषित जल होने की संभावना है। इसमें लोगों से उल्टी-दस्त होने की तुरंत सूचना देना का जिक्र था।
उज्जैन। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित जल पीने से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। शहर में अबतक 18 लोगों की मौत दूषित जल के कारण हो चुकी है। इस घटना ने प्रदेशभर में सप्लाई वाटर सिस्टम को सवालों के घेरे में ला दिया है। इसी बीच अब उज्जैन में नगर निगम द्वारा लोगों को नल का पानी पीने से मना किया जा रहा है।
दरअसल, उज्जैन नगर निगम द्वारा एक ई-रिक्शा से शहर के कुछ क्षेत्रों में दो दिन पहले मुनादी करवाई गई। अनाउसमेंट में क्षेत्र में दूषित जल होने की संभावना पानी नहीं पीने और उल्टी-दस्त होने की तुरंत सूचना देना का जिक्र था। वायरल वीडियो में जो सूचना दी गई उससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
वीडियो में माइक से सूचना दी गई कि नगर निगम द्वारा सूचित किया जाता है कि कुछ क्षेत्रों में दूषित पेयजल के होने की संभावना पाई गई है। अगले आदेश तक नल के पानी को सीधे ना पिएं। आवश्यक होने पर पानी को अच्छे से उबालकर छानकर पिएं। नगर निगम द्वारा पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था टैंकर के माध्यम से की जा रही है। यदि किसी भी व्यक्ति को उल्टी-दस्त, सिर दर्द या जल से संबधित कोई भी समस्या हो तो पीएचई कंट्रोल रूम नंबर 9406811060 और 07342535244 पर संपर्क करें।
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोग डर गए। हालांकि महापौर मुकेश टटवाल ने वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सिंहस्थ को लेकर कई जगह चौड़ीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में सड़क नाली और पेयजल की टूटी हुई लाइन को लेकर मुनादी करवाई थी। बताया था कि गंदे पानी को लेकर क्षेत्रवासियों को सूचित करना है, लेकिन उसने जिस तरह से सूचित किया उससे सम्भवतः लोगों ने गलत समझ लिया बाद में उसे हटा दिया गया।




