Global Hand Washing Day: ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे मनाना है, कोरोना को हराना है

Fight Against Corona: 12 साल पहले शुरु हुए ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की इस साल की थीम है Hand Hygiene For All यानी हाथों को साफ रखना सबके लिए है ज़रूरी

Updated: Oct 15, 2020 01:35 PM IST

Global Hand Washing Day: ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे मनाना है, कोरोना को हराना है
Courtesy: Askideas

दुनिया भर में आज ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे मनाया जा रहा है। वैसे तो 12 साल से मनाया जा रहा यह दिन सबको यही संदेश देता है कि बीमारियों से बचने के लिए ठीक से हाथ धोना ज़रूरी है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस बार हाथ साफ रखने के संदेश की अहमियत और भी बढ़ गई है। यही वजह है कि इस साल हैंड वॉशिंग डे की थीम भी Hand Hygiene For All रखी गई है, जिसका मतलब है हाथ साफ रखना सबके लिए ज़रूरी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विश्वभर में करीब 2 अरब 40 करोड़ लोग अपने हाथों को साफ नहीं रखते हैं। दुनिया में हाथों को सही तरीके से साफ करने वाले लोगों का अनुपात भी बेहद कम है। दुनिया के महज 20 प्रतिशत लोग ही हैंड हाइजीन का ध्यान रखते हैं। WHO का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को कम से कम 20-30 सेकंड तक साबुन से धोना ज़रूरी है। साबुन न होने पर हैंड सैनेटाइज़र से भी कम से कम इतनी ही देर तक हाथों को साफ करना चाहिए।

हाथ धोने की आदत बच्चों में बचपन से ही डालनी ज़रूरी है। खाना खाने से पहले और शौच जाने के बाद तो हाथ धोना सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है। कहीं बाहर से घर लौटने पर भी हाथों को अच्छी तरह धोने की आदत डालनी चाहिए।ऐसा करना इसलिए ज़रूरी है, क्योंकि हाथ अगर अच्छी तरह साफ नहीं होंगे तो उनमें लगे बैक्टीरिया और वायरस भोजन करते समय शरीर के भीतर प्रवेश करके बीमार बना सकते हैं। गंदे हाथ सिर्फ कोरोना का खतरा ही नहीं बढ़ाते, बल्कि डायरिया, पीलिया, फ्लू से लेकर तमाम तरह की बीमारियां हमारे शरीर को बीमार बना सकती हैं। 

टीशू पेपर से हाथ साफ करना काफी नहीं

कई बार लोग खाना खाने के पहले और बाद में सिर्फ टीश्यू पेपर से हाथ साफ पोछकर मान लेते हैं कि उनका हाथ साफ हो गया है। जबकि ऐसा नहीं है। टीश्यू पेपर का इस्तेमाल करने से हाथों के ऊपर दिखने वाली गंदगी भले ही हट जाए, लेकिन बेहद सूक्ष्म खत्म नहीं होेते। 

कोरोना को हराना है, हैंड हाइजीन को बढ़ाना है

वैश्विक महामारी कोरोना ने दुनिया को एक बार फिर हैंड हाइजीन के प्रति जागरुक करने का काम किया है। कोरोना से बचने के लिए सलाह दी जाती है कि अपने हाथों को कम से कम 20-30 सेकंड तक साबुन से धोया जाए ऐसा करने के कोरोना संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। कहा जाता है कि साबुन पानी से हाथ धोने के बाद एयर की जगह केवल हवा में सूखने दिया जाना चाहिए। वहीं नल बंद करने के लिए किसी साफ टावेल का उपयोग करना चाहिए।

पहला ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे 15 अक्टूबर 2008 को मना था

15 अक्टूबर को 2008 को पूरी दुनिया में पहली बार ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे मनाया गया था। तब से इसे हर साल मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का फैसला अगस्त 2008 में स्वीडन के स्टॉकहोम में वर्ल्ड वॉटर वीक के दौरान लिया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 2008 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ सैनिटाइजेशन घोषित किया था।

हैंडवाश करने से दूर रहेंगी बीमारियां

लगातार हाथ धोने से पेट संबंधी रोग, सांस की समस्या और संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। हाथों की गंदगी से होने वाले रोग जैसे डायरिया, स्किन डिजीज, आखों की बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

हैंडवॉश की आठ स्टेप्स अपनाने से संक्रमण रहेगा दूर 

हाथ धोने के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि आठ स्टेप्स अपनाने से संक्रमण की गुंजाइश ना के बराबर होगी। हाथों में छिपे कीटाणु साफ होंगे। सबसे पहले अपने हाथ को गुनगुने पानी से गीला करें, फिर साबुन लगाएं। आगे और पीछे की हथेलियों और पूरी त्वचा को रगड़ें। उंगलियों और नाखूनों को भी अच्छे से साफ किया जाना जरूरी है। नेल्स के क्यूटिकल्स, अंगूठे, कलाई, कोहनी को भी धोना चाहिए। साबुन से हाथों को कम से कम 20-30 सेकेंड तक रगड़ने के बाद रनिंग वॉटर से धोने की सलाह दी जाती है।