बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, CM नीतीश कुमार ने छोड़ा MLC पद, नितिन नबीन ने भी विधायकी से दिया इस्तीफा

बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। राज्यसभा में चुने जाने के बाद सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने विधान परिषद और नितिन नबीन ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है।

Updated: Mar 30, 2026, 01:42 PM IST

पटना। बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक पद छोड़ दिया है। दोनों नेताओं के हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक नियमों के तहत यह कदम उठाया गया है। अब दोनों नेता केंद्र की राजनीति में नई पारी शुरू करेंगे। जबकि, बिहार को एक नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है।

संवैधानिक नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 14 दिनों से अधिक समय तक दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता है। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद 30 मार्च तक एक सदन की सदस्यता छोड़ना जरूरी हो गया था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया। जिसे सभापति अवधेश नारायण सिंह ने स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी। उनके इस्तीफे के बाद परिषद की सीट रिक्त घोषित की जाएगी।

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इस्तीफे से पहले पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई थी। जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह, संजय कुमार झा, विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की। माना जा रहा है कि जल्द ही बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

राजनीतिक रूप से यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि नीतीश कुमार अब उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों का सदस्य बनने का गौरव हासिल किया है। उनका राजनीतिक सफर 1985 में हरनौत विधानसभा सीट से शुरू हुआ था। इसके बाद 1989 में वे लोकसभा पहुंचे और केंद्र में रेल, कृषि और भूतल परिवहन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाला था। साल 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने शासन किया और सुशासन बाबू की छवि बनाई। उनके कार्यकाल में शराबबंदी, छात्राओं के लिए साइकिल योजना और पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण जैसे फैसलों को बड़े सामाजिक बदलाव के रूप में देखा जाता है।

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दूसरी ओर नितिन नबीन ने भी अपनी पांच बार की विधायकी का अंत करते हुए इस्तीफा दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा जिसे स्वीकार कर लिया गया है। साल 2006 से बांकीपुर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे नितिन नवीन अब पूरी तरह केंद्र की राजनीति पर ध्यान देंगे। इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने क्षेत्र और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया और कहा कि नई भूमिका में भी वे बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उनके इस्तीफे के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा।