Assam CM Oath: हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार बने असम के मुख्यमंत्री, मोदी-शाह की मौजूदगी में ली शपथ
गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई।
गुवाहाटी। कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल होने वाले हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह की मौजूदगी में शपथ ली। लक्ष्मण आचार्य ने उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई।
हिमंता के अलावा 4 विधायकों भाजपा के रामेश्वर तेली, अजंता नेओम, AGP के अतुल बोरा, BPF के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें दो बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से हैं। शपथग्रहण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी-NDA शासित राज्यों के सीएम और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। हिमंता का पूरा परिवार भी कार्यक्रम में मौजूद रहा।
बता दें कि रविवार को असम में बीजेपी की विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें हिमंता को फिर विधायक दल का नेता चुना गया था। 126 सदस्यीय असम असेंबली में इस बार आधिकारिक तौर पर नेता प्रतिपक्ष नहीं हो सकता है। भाजपा और उसके दो क्षेत्रीय सहयोगियों ने मिलकर 102 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी गठबंधन केवल 21 सीटों पर सिमट गया। इनमें कांग्रेस को 19 और राइजोर दल को 2 सीटें मिली हैं।
शेष 3 सीटों में से ऑल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिव फ्रंट (AIUDF)को 2 और TMC को 1 सीट मिली, लेकिन ये कांग्रेस-नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। आम तौर पर किसी विधायक दल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए सदन की कुल संख्या का कम-से-कम 10 फीसदी यानी असम विधानसभा में 13 सीटें चाहिए होती हैं। हालांकि कांग्रेस के पास 19 सीटें हैं, लेकिन अगर विपक्षी दलों की औपचारिक मान्यता या गठबंधन संरचना को लेकर तकनीकी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो विधानसभा में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रह सकता है।




