तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, डीपी एक्ट के तहत दिया नोटिस
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा से पहले उनके घर पर पुलिस पहुंच गई है। दीपके को पुलिस ने डीपी एक्ट के तहत नोटिस दिया है।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च की कॉल दी है। इससे पहले दिल्ली पुलिस सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के दिल्ली स्थित उनके ठिकाने पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया है। इस दौरान दीपके की पुलिस से बहस हो गई। उन्होंने पुलिस से कहा कि यह कोई रैली या प्रोटेस्ट नहीं है। हम सिर्फ सेंट्रल पार्क तक जाकर तिरंगा फहराना चाहते हैं।
दिल्ली पुलिस एक्ट (DP एक्ट) के तहत दिपके को एक नोटिस भेजा गया है। दिल्ली पुलिस एक्ट, 1978 की धारा 29 पुलिस को सार्वजनिक निर्देश देने का अधिकार प्रदान करती है। इस धारा के तहत, पुलिस कमिश्नर और इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर के अधिकारी सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों को मौखिक या लिखित निर्देश जारी कर सकते हैं, जो कानून के दायरे में होने चाहिए।
इस धारा के तहत पुलिस को जुलूसों, सभाओं, उनके रास्तों और सार्वजनिक व्यवस्था को नियंत्रित करने का अधिकार मिलता है। इसलिए प्रदर्शन के दौरान रास्ता तय करना, भीड़ को नियंत्रित करना और अवरोध रोकना इस धारा के दायरे में आ सकता है।
उधर, ध्रुव राठी की गिरफ्तारी की खबर को पुलिस ने अफवाह बताया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर शुक्रवार सुबह से एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि नोएडा पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पर नोएडा पुलिस ने कहा कि यह खबर पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और बेबुनियाद है। पुलिस ने फैक्ट-चेक जारी करते हुए कहा कि उन्होंने ध्रुव राठी को हिरासत में नहीं लिया है और लोग ऐसी अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।




