कोरोना वैक्सीन बनाने वाले पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में लगी भीषण आग, दमकल की 15 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट के नए प्लांट की चौथी और पांचवी मंजिल में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू, CEO बोले हादसे में सभी सुरक्षित हैं

Updated: Jan 21, 2021, 05:18 PM IST

कोरोना वैक्सीन बनाने वाले पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में लगी भीषण आग, दमकल की 15 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
Photo Courtesy: business today

पुणे। गुरुवार दोपहर पुणे के हडपसर स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के नए प्लांट में आग लग गई। यहां के मंजरी कॉम्पलेक्स में लगी आग पर फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियों ने बड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। बिल्डिंग में फंसे सीरम इंस्टीट्यूट के चार कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सीरम इंस्टीट्यूट में हुए इस हादसे की जानकारी ली, और राहत और बचाव कार्य के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए।

सीरम इंस्टीट्यूट के टर्मिनल गेट नंबर एक में चौथी और पांचवीं मंजिल पर यह आग लगी थी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह आग एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में लगी थी, इस आग से कोरोना वैक्सीन निर्माण पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला का कहना है कि 'आग से कुछ फ्लोर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। उन्होंने बताया है कि हादसे में सभी सुरक्षित हैं, किसी की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है।

यह सीरम इंस्टीट्यूट का नया प्लांट है, पांच मंजिला प्लांट 300 करोड़ की लागत से बनाया गया था। इस प्लांट का उद्घाटन पिछले साल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने किया था। अभी यहां कोरोना वैक्सीन का उत्पादन नहीं शुरू हुआ था। यहां टीबी से बचाव के लिए लगने वाला BCG के टीके निर्माण होता था। जल्द ही यहां कोरोना वैक्सीन का निर्माण शुरू होने वाला था। जिस बिल्डिंग में आग लगी थी वहां काम चल रहा था। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया का कैंपस करीब 100 एकड़ में फैला है। यहां के जिस कॉम्‍पलेक्‍स में आग लगी है। फिलहाल कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड का प्रोडक्शन सीरम इंस्टीट्यूट के इस हिस्से से कुछ किलोमीटर दूरी पर स्थित पुराने प्लांट में हो रहा था। पुराना प्लांट 1996 में तैयार हुआ था। कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की बड़ी मात्रा देशभर में यहीं से भेजी गई थी। देश में कोरोना वैक्सीनेशन का काम 16 जनवरी से शुरु हो चुका है।