वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सांसद चंदन मित्रा का हुआ निधन, कश्मीर के नेता गिलानी की भी हुई मृत्यु

चंदन मित्रा दो बार बीजेपी के टिकट पर राज्यसभा सांसद बने थे, पार्टी से दूरियां बढ़ने पर उन्होंने बीजेपी छोड़ टीएमसी ज्वाइन कर ली थी, वहीं सैयद अली शाह गिलानी की पहचान कश्मीर के अलगाववादी नेता के तौर पर होती थी

Updated: Sep 02, 2021, 12:31 PM IST

वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सांसद चंदन मित्रा का हुआ निधन, कश्मीर के नेता गिलानी की भी हुई मृत्यु

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार और टीएमसी नेता चंदन मित्रा का निधन हो गया है। चंदन मित्रा ने बुधवार देर रात अपने दिल्ली स्थित आवास में अंतिम सांस ली। उनके बेटे कुशान मित्रा ने चंदन मित्रा के निधन की जानकारी दी। वहीं कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की भी बुधवार रात श्रीनगर में मृत्यु हो गई। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंदन मित्रा के निधन पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री ने चंदन मित्रा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि चंदन मित्रा को उनकी अंतर्दृष्टि और बुद्धि के लिए हमेशा याद किया जाएगा। पीएम ने आगे कहा कि उन्होंने मीडिया और राजनीति दोनों ही क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। उनके निधन से शोकाकुल हूं। मित्रा के परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। 

चंदन मित्रा पायनियर के संपादक रहे थे। वे दो मर्तबा बीजेपी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे। पहली बार 2003 में वे राज्यसभा गए थे, जबकि दूसरी बार 2010 में वे मध्य प्रदेश के कोटे से राज्यसभा पहुंचे थे। मित्रा को बीजेपी में आडवाणी का करीबी माना जाता था। ऐसा कहा जाता है कि बीजेपी में नरेंद्र मोदी और अमित शाह का वर्चस्व बढ़ने के बाद मित्रा को किनारे कर दिया। जिसके बाद उन्होंने 2018 में टीएमसी ज्वाइन कर ली। 

वहीं कश्मीर के नेता सैयद अली शाह गिलानी का भी 92 वर्ष की उम्र में श्रीनगर में निधन हो गया। गिलानी लंबी बीमारी से पीड़ित थे। गुरुवार सुबह को शहर के बाहरी इलाके हैदरपुरा में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया। सैयद अली शाह गिलानी की पहचान अलगाववादी नेता के तौर पर थी। वे हुर्रियत कांफ्रेंस के कटरेपंथी धड़े से ताल्लुक रखते थे। हाल ही में उन्होंने राजनीति से अलविदा कह दिया था। 

गिलानी के निधन पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी संवेदना व्यक्त की हैं। मुफ्ती ने कहा है कि हम बहुत मसलों पर एक दूसरे से सहमत नहीं थे। लेकिन मैं अपने विश्वास पर दृढ़ता से खड़े होने के लिए उनका सम्मान करती हूं। अल्लाह उन्हें जन्नत बख्शे।