कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना UBT के 4 पार्षद गायब, जांच में जुटी पुलिस, खंगाले जा रहे CCTV फुटेज

कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना यूबीटी के चार नवनिर्वाचित पार्षद बीते 16 जनवरी से लापता हैं। पार्टी ने पोस्टर लगाए, परिजनों ने शिकायत की। पुलिस सीसीटीवी और कॉल डिटेल जांच रही है।

Updated: Jan 27, 2026, 03:28 PM IST

कल्याण-डोंबिवली। महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली में चार नवनिर्वाचित पार्षदों के अचानक लापता होने से शहर की राजनीति में हड़कंप मच गया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के ये चारों पार्षद बीते 16 जनवरी से संपर्क में नहीं हैं। उनके मोबाइल फोन बंद हैं और वे घर पर भी मौजूद नहीं मिले हैं। मामले को गंभीर मानते हुए कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

लापता पार्षदों में मधुर उमेश म्हात्रे, कीर्ति राजन ढोणे, राहुल कोट और स्वप्नील केणे शामिल हैं। शिवसेना (यूबीटी) का कहना है कि चुनाव नतीजे घोषित होने के अगले ही दिन से इन सभी के फोन पहुंच से बाहर हैं। कई दिनों तक पार्टी स्तर पर संपर्क की कोशिशें की गई लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। शिकायत में अपहरण, दबाव या राजनीतिक लालच की आशंका भी जताई गई है।

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नगरसेवकों के गायब होने के बाद पार्टी ने दबाव बनाने के लिए शहर में नगरसेवक बेपत्ता लिखे पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में चारों पार्षदों की तस्वीरें लगाई गई और आम लोगों से जानकारी देने की अपील की गई है। हालांकि, पोस्टर लगाए जाने के बाद लापता नगरसेवकों के परिजनों ने इन्हें लगाने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

इसी बीच मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पोस्टर लगाने वाले शिवसेना (यूबीटी) के उपविभाग प्रमुख रमेश तीखे की अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। उनकी मौत की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैल गई और पूरे मामले पर सवाल और गहरे हो गए।

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शिवसेना (यूबीटी) के जिला प्रमुख शरद पाटील ने पुलिस से मांग की है कि तकनीकी जांच के साथ तुरंत सर्च ऑपरेशन तेज किया जाए ताकि लापता पार्षदों का जल्द पता चल सके। उन्होंने इन लापता कॉर्पोरेटरों से भी अपील की है कि यदि वे सुरक्षित हैं तो जहां भी हों वहां से मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

इस पूरे घटनाक्रम का असर नगर निगम की राजनीति पर भी साफ दिख रहा है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की 122 सीटों में से शिंदे गुट की शिवसेना को 52 और बीजेपी को 51 सीटें मिली हैं। शिवसेना (यूबीटी) के 11 पार्षद चुने गए थे जिनमें से चार फिलहाल लापता हैं। मनसे, कांग्रेस और राकांपा (एसपी) के कुछ पार्षद भी निगम में हैं। शिंदे गुट मेयर पद के लिए बहुमत जुटाने की कोशिश में है और ऐसे समय में यूबीटी गुट के नगरसेवकों का गायब होना सियासी शक को और बढ़ा रहा है।

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