कुंभ मेले में कोरोना विस्फोट, 2100 से ज्यादा लोग पॉजिटिव, निरंजनी अखाड़ा ने किया मेला समाप्ति का ऐलान

उत्तराखंड के हरिद्वार में हो रहे कुंभ मेले में हिस्सा लेने आए 30 से ज्यादा महंत कोरोना पॉजिटिव, महामंडलेश्वर कपिल देव की मौत, पिछले पांच दिनों में 2,167 लोग पॉजिटिव

Updated: Apr 16, 2021, 03:41 PM IST

कुंभ मेले में कोरोना विस्फोट, 2100 से ज्यादा लोग पॉजिटिव, निरंजनी अखाड़ा ने किया मेला समाप्ति का ऐलान
Photo Courtesy: PTI

हरिद्वार। उत्तराखंड का हरिद्वार कुंभ मेले की वजह से कोरोना हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। हरिद्वार कुंभ मेले में कोरोना ने भयंकर कहर बरपाया है। गंगा में डुबकी लगाने आ रहे लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के बीच मेले इलाके के दो हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना का कहर देखते हुए निरंजनी अखाड़े ने कुंभ छोड़ने का फैसला लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कुंभ मेले में हिस्सा लेने आए 30 से ज्यादा साधु-संत भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें कईयों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। इनमें ऑल इंडिया अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी भी शामिल हैं, जो ऋषिकेश स्थित एम्स में जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। इसके पहले कल ही यह खबर आई थी कि निर्वाणा अखाड़ा के महामंडलेश्वर कपिल देव ने देहरादून स्थित कैलाश हॉस्पिटल में कोरोना से दम तोड़ दिया। महाकुंभ में शामिल हुए संत की मौत के बाद मेले में हिस्सा लेने आए संतों में हड़कंप मच गई है। 

एनडीटीवी ने हरिद्वार के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ एसके झा के हवाले से बताया कि, 'अभी तक 30 साधु कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। ये सभी मामले किसी एक विशेष अखाड़ा से सामने नहीं आ रहे हैं। निरंजनी, जूना और अन्य सभी अखाड़ों से ये मामले सामने आ रहे हैं।' ऐसे में माना जा रहा है कि इन अखाड़ों के सैंकड़ों की संख्या में साधु-संत कोरोना संक्रमित हो सकते हैं।

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उधर कोरोना के कहर को देखते हुए निरंजनी अखाड़े ने बड़ा फैसला लिया है। निरंजनी अखाड़े ने ऐलान किया है कि वे कुंभ छोड़ रहे हैं। अखाड़ा के सचिव रविंद्र पुरी ने कहा, 'कोरोना वायरस के कारण बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, कुंभ मेला हमारे लिए संपन्न हो चुका है। मुख्य शाही स्नान भी हो चुका है और हमारे अखाड़े के कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं।' 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 और 15 अप्रैल के बीच कुंभ मेले इलाके में 2,167 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पहले ही यह चेतावनी दी थी कि महाकुंभ कोरोना का सुपर स्प्रेडर हो सकता है, बावजूद लाखों की संख्या में जमावड़ा लगाकर यह आयोजन किया गया। राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकार पर इसे लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इतना ही नहीं कुंभ में दिन-प्रतिदिन कोरोना की वजह से स्थिति चिंताजनक होने के बावजूद राज्य के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपने विवादित बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। रावत ने दो दिन पहले ही दावा किया कि किसी कीमत पर महाकुंभ में कोरोना नहीं फैल सकता। सीएम का तर्क था कि मां गंगा लोगों को कोरोना से बचाएंगी। वह कुंभ की तुलना निजामुद्दीन मरकज से किए जाने पर भी भड़क गए। रावत ने तर्क दिया कि मरकज में एक हॉल में ही कई लोग बंद थे और एक साथ सो रहे थे इसलिए कोरोना फैला। कुंभ खुला हुआ है, गंगा की धार प्रवाहित हो रही है और 90 फीसदी श्रद्धालु वापस लौट जा रहे हैं। ऐसे में यहां कोरोना फैलने की कोई संभावना नहीं है।