हिंसाग्रस्त मणिपुर में हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा, समर्थकों ने फाड़ा सीएम बीरेन सिंह का इस्तीफा पत्र

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का प्लान था कि इंफाल स्थित राजभवन जाकर राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलेंगे और अपना इस्तीफा पत्र सौंपने वाले थे। लेकिन समर्थकों ने उनका रास्ता रोका और इस्तीफा फाड़ कर भी फेंक दिया।

Updated: Jun 30, 2023, 06:45 PM IST

हिंसाग्रस्त मणिपुर में हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा, समर्थकों ने फाड़ा सीएम बीरेन सिंह का इस्तीफा पत्र

इंफाल। हिंसाग्रस्त मणिपुर में शुक्रवार को हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला। राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने जा रहे मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रास्ते में अपना मूड बदल लिया। सीएम बीरेन सिंह ने समर्थकों के कहने पर इस्तीफा देने का फैसला वापस ले लिया है। इतना ही नहीं समर्थकों ने उनका इस्तीफा पत्र भी फाड़कर फेंक दिया।

बता दें कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का प्लान था कि इंफाल स्थित राजभवन जाकर राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलेंगे। इस मुलाकात के दौरान वो राज्यपाल को अपना इस्तीफा पत्र सौंपने वाले थे। शुक्रवार दोपहर एन बीरेन सिंह राज्यपाल भवन के लिए निकले। इस बीच कुछ महिला समर्थकों ने राजभवन के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया और सीएम के काफिले को आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद कुछ महिला समर्थकों ने उनके इस्तीफे को फाड़ दिया और उनसे रिजाइन न करने का कहा। 

शाम 4 बजकर 1 मिनट पर एन बीरेन सिंह ने एक ट्वीट किया और लिखा, 'इस मोड़ पर तो मैं इस्तीफा नहीं देने वाला हूं।' यानी बीरेन सिंह ने साफ कर दिया कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं छोड़ रहे। बीरेन सिंह वापस सीएम हाउस लौट गए हैं। उधर, हिंसा को देखते हुए मणिपुर में इंटरनेट पर बैन 5 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 IPS तैनात किए गए हैं।

बता दें कि मणिपुर में 3 मई से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा जारी है। हिंसा में अब तक 131 से ज्यदा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 419 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 65 हजार से अधिक लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। आगजनी की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। 6 हजार FIR हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। हिंसा को देखते हुए इंटरनेट पर बैन 5 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 IPS तैनात किए गए हैं।