बारिश की बूंदों और समुद्र की लहरों से बनेगी बिजली, IIT दिल्ली के छात्रों ने किया कमाल

दिल्ली के रिसर्च स्कालर्स ने बनाया अनोखा डिवाइस, इससे बनी बिजली बैटरी के जरिए हो सकेगी उपयोग, डिवाइस को पेटेंट कराने की तैयारी

Updated: Sep 17, 2021, 07:07 PM IST

बारिश की बूंदों और समुद्र की लहरों से बनेगी बिजली, IIT दिल्ली के छात्रों ने किया कमाल
Photo Courtesy: Defenders of Wildlife

दिल्ली। कहा जाता है जहां चाह होती है वहां राह निकल ही आती है। देश में बिजली की बढ़ती खपत के बीच उसकी मांग बढ़ती जा रही है। IIT-दिल्ली के रिसर्चर्स ने इससे निपटने का तरीका खोज लिया है। उन्होंने एक ऐसा यंत्र बनाया है जिससे बिजली बनाई जा सकती है। इन रिसर्च स्कॉलर्स ने बारिश की बूंदों और समुद्र की लहरों से बिजली उत्पन्न करने के लिए एक खास उपकरण विकसित किया हैं।जिसे Triboelectric Effect और Electrostatic Induction के उपयोग से तैयार किया गया है। इस उपकरण का नाम Liquid-solid Interface Triboelectric Nanogenerator रखा गया है।

 बारिश की बूंदों औऱ सागर की लहरों से बनी बिजली को बैटरी के जरिए स्टोर करके रखा जा सकेगा। इस डिवाइस में खास तौर पर डिज़ाइन किया गया नैनोकम्पोजिट पॉलिमर और कॉन्टेक्ट   इलेक्ट्रोड से बनी एक बेहद सरल संरचना है। जो कि कई मिलीवॉट पावर जेनेरेट कर सकती है। जिसका उपयोग घड़ी, डिजिटल थर्मामीटर, रेडियो फ्रीक्वेंसी ट्रांसमीटर, हेल्थकेयर सेंसर, पैडोमीटर जैसे छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बिजली देने के लिए पर्याप्त होगा।

दावा किया जा रहा है कि यह उपकरण वर्तमान उपकरणों से ज्यादा अधिक बिजली पैदा कर सकता है  दिल्ली IIT के प्रोफेसर नीरज खरे और नैनोस्केल रिसर्च फैसिलिटी ने ट्राइबोइलेक्ट्रिक प्रभाव का उपयोग करके यांत्रिक कंपन को बर्बाद होने से बिजली ऊर्जा की कटाई के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर पेटेंट कराने की प्रोसेस भी शुरु कर दी है। इसे ऊर्जा संग्रह के व्यावहारिक विकल्प के तौर पर एक अहम कदम माना जा रहा है।

 

इस रिसर्च टीम ने पानी की बूंद ठोस सतह के संपर्क में आने पर उत्पन्न बिजली के इनबिल्ट सिस्टम की भी जांच की। जिसमें दिखाया गया है कि खारी बूंदें अधिक बिजली उत्पन्न करती हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी दिखाया कि उपकरण समुद्र की लहरों के साथ भी काम कर सकता है, जहां पानी खारा पानी है, और समुद्र की लहरों के माध्यम से जो नैनोकम्पोजिट पॉलीमर फिल्म की सतह के संपर्क में आती हैं, उससे बिजली पैदा होती है, इसे आसानी से बैटरी में स्टोर कर विभिन्न डिवाइस चलाए जा सकते हैं।