प्रियंका गांधी ने सीएम योगी को लिखा पत्र, बोलीं- नीतियों में करुणा, हमदर्दी एवं मदद का स्पर्श देने की जरूरत

प्रियंका गांधी ने अपने पत्र में मध्यमवर्गीय लोगों का उठाया मुद्दा, बोलीं- अस्पतालों की लूट पर लगे लगाम, बिजली बिल में न करें बढ़ोतरी, स्कूल चलाने वालों को मिले आर्थिक मदद

Updated: May 20, 2021, 12:57 PM IST

प्रियंका गांधी ने सीएम योगी को लिखा पत्र, बोलीं- नीतियों में करुणा, हमदर्दी एवं मदद का स्पर्श देने की जरूरत
Photo Courtesy: Outlook

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने मध्य वर्ग के लोगों का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि राज्य में मचे हाहाकार ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की कोई प्लानिंग नहीं थी। कांग्रेस नेेता ने कोरोना महामारी से जूझ रही जनता को राहत देने की मांग की है। उन्होंने कोरोना संकट से निपटने के लिए सुझाव भी दिए हैं। प्रियंका ने कहा है कि राज्य सरकार को अपनी नीतियों में करुणा, हमदर्दी एवं मदद का स्पर्श देने की जरूरत है।

प्रियंका गांधी ने लिखा, 'कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान व्यवस्था की ढुलमुल तैयारियों के चलते जनता को असहनीय पीड़ा उठानी पड़ी। अप्रैल-मई में मचे हाहाकार ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार की कोई प्लानिंग नहीं थी। आज करोड़ों लोग भविष्य को लेकर आशंकित है, उनकी कमाई के साधन कम हुए हैं और बहुत तेजी से महँगाई बढ़ी है। इसने खास तौर से मध्यम वर्ग को मुश्किलों में डाल दिया है। ईमानदारी और मेहनत से खाने-कमाने वाले लोगों को इन मुश्किल हालातों में उनके हाल पर छोड़ देने की बजाय आज जरूरत है कि आपकी सरकार आगे बढ़कर कुछ जनकल्याणकारी कदम उठाए।'

दिए ये पांच सुझाव

प्रियंका गांधी ने कहा है कि राज्य सरकार को अपनी नीतियों में करुणा, हमदर्दी और मदद का स्पर्श देने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए पांच सुझाव दिए हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'पूरे प्रदेश से निजी अस्पतालों द्वारा आम जनता से इलाज के लिए मोटी रकम वसूलने की शिकायतें आई हैं। अपने मरीजों के लिए परेशान लोग भारी-भरकम बिल चुकाने के लिए कर्ज ले रहे हैं और जैसे-तैसे करके पैसा जुटा रहे हैं। निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर इलाज के लिए सुविधा के हिसाब से उचित एवं जनहितैषी कीमतें निर्धारित करें जिससे न अस्पतालों का आर्थिक नुक़सान हो, और न ही आम जनता के शोषण की गुंजाइश हो। साथ ही जिन लोगों से जरूरत से ज्यादा पैसा वसूला गया है उनको मुआवजा देने की व्यवस्था करें।' 

उन्होंने आगे लिखा कि, 'बढ़ती महंगाई के चलते आम लोगों के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुएं एवं आवश्यक चीजों को खरीदना भी मुश्किल हो रहा है। खाद्य तेल, सब्जियां, फल और घरेलू इस्तेमाल की चीजें बहुत तेजी से महंगाई की चपेट में आए हैं। प्रदेश में महंगाई पर नियंत्रण के लिए और वस्तुओं का दाम बांधने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि इस बंदी के समय लोगों को घर चलाने में दिक्कत न हो।'

बिजली बिल और स्कूलों को लेकर कही ये बात

प्रियंका ने कहा है की प्रदेश की जनता बिजली के बढ़े दामों और स्मार्ट मीटरों से पहले ही बहुत त्रस्त है। संकट के इस दौर में उसे बिजली के बिलों में राहत मिलनी चाहिए लेकिन एक बार फिर राज्य में बिजली के दाम बढ़ाये जाने की खबरें आ रही हैं। कृपया बिजली के दाम में एक भी पैसे की बढ़ोत्तरी न करें। स्कूलों को लेकर उन्होंने लिखा, 'प्रदेश के स्कूल बंद हैं किंतु अभिवावकों पर स्कूलों में हर महीने फीस जमा करने का दबाव है। स्कूलों के सामने भी अपने शिक्षकों को वेतन देने इत्यादि का संकट है।'

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कांग्रेस महासचिव ने मांग की है कि, 'प्रदेश सरकार स्कूलों के प्रतिनिधियों एवं अभिवावकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर एक खाका तैयार कर फीस में छूट देने एवं स्कूलों को आर्थिक मदद का पैकेज देने की एक व्यवस्था बनाए, ताकि बंदी की मार झेल रहे लोगों की परेशानी थोड़ी कम हो सके एवं स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों की भी मदद हो सके।' प्रियंका ने व्यपारियों को लेकर कहा कि, 'बंदी की मार झेल रहे प्रदेश के व्यापारी एवं दुकानदार साथियों को राहत देने के लिए एक खाका तैयार किया जाए। जिसके जरिये उन्हें करों एवं शुल्कों में थोड़ी राहत दी जाए।'