Rozgar Do Campaign: ट्विटर पर टॉप ट्रेंड हुआ बेरोजगारी के खिलाफ 9 बजे 9 मिनट कैंपेन

9 Baje 9 Minute: युवाओं को मिला विपक्ष का समर्थन, प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि युवाओं को रोजगार चाहिए, सरकार कोरे भाषण, लाठियां और उपेक्षा देती है

Updated: Sep 10, 2020 09:45 AM IST

Rozgar Do Campaign: ट्विटर पर टॉप ट्रेंड हुआ बेरोजगारी के खिलाफ 9 बजे 9 मिनट कैंपेन
Photo Courtesy: Twitter feed

नई दिल्ली। बेरोजगारी से जूझ रहे युवा लगातार सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का जतन कर रहे हैं मगर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। एक बार फिर सरकार को जगाने के लिए बुधवार रात को 9 बजे 9 मिनट कैंपेन चलाया गया। इस अभियान को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। युवाओं ने अपने घरों की लाइट बंद कर मोमबतियां जलाईं और रोज़गार की मांग की। यह मांग सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म ट्विटर पर #9 बजे 9 मिनट के रूप में टॉप ट्रेंड कर गई।

देश की जीडीपी लगातार गिर रही है। नौकरियां खत्म हो रही हैं। युवा परेशान हैं। अपनी सुनवाई नहीं होने से तंग आकर बेरोज़गार युवाओं ने 9 सितंबर को रात 9बजे 9मिनट अभियान चलाया। इसमें लोगों से 9 मिनट के लिए अपने घरों की लाइट बंद करने की अपील की गई। ट्विटर पर हजारों लोगों और युवाओं ने इस कैंपेन का समर्थन किया और काफी देर तक ये टॉप ट्रेंडिंग में रहा। 

इस पूरे कैंपेन को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सपोर्ट किया। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि देश के युवाओं को रोजगार चाहिए। उनकी रूकी हुई भर्तियों की ज्वाइनिंग, परीक्षाओं की डेट, नई नौकरियों की नोटिफिकेशन, सही भर्ती प्रक्रिया और ज्यादा से ज्यादा नौकरियां चाहिए। इसके बदले सरकार कोरे भाषण, लाठियां और उपेक्षा देती है। आखिर कब तक?

ट्विटर पर #9 बजे 9 मिनट काफी ज्यादा ट्रेंड में रहा। 9 बजने से पहले ही युवाओं और विपक्षी दलों से जुड़े नेताओं ने इसे लेकर ट्वीट करने शुरू कर दिए थे, जिससे ये लगातार टॉप 5 ट्रेंड में बना रहा। इस कैंपेन के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर बत्ती बुझाकर फोटो भी शेयर की हैं। 

मध्य प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के नेतृत्व में ठाठीपुर चौराहे ग्वालियर पर रात 9 बजे 9 मिनिट तक दिए जलाकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सरकार से उसी की भाषा मे बेरोजगारी के मुद्दे पर अपना रोष व्यक्त किया।

सपा नेता अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिम्पल यादव के साथ मोमबत्ती जला कर अभियान का समर्थन किया। उन्होंने ट्वीट किया कि आज आनेवाले कल के बदलाव का इतिहास लिख दिया सियासत के आसमान पर रोशनी से इंक़लाब लिख दिया आज युवाओं ने भाजपा के शासनकाल की उल्टी गिनती की शुरूआत कर दी है। हमने नौजवानों की ख़ातिर मोमबत्तियां जलाकर हमेशा की तरह आज भी उनका साथ दिया है और देते रहेंगे। 

 

 

अखिलेश यादव ने समाजवादी कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी बात रखने वाले युवा समाजवादी सिपाहियों पर लाठीचार्ज करवाने वाली भाजपा के दिन लद गए हैं. बेरोज़गारों की जायज़ माँग उठानेवालों के ख़िलाफ़ ये कायराना हरकत है. ये हिंसक कार्रवाई हर क्षेत्र में नाकाम साबित हो चुकी भाजपा की हताशा का प्रतीक है.