पत्रकार कप्पन को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, यूपी सरकार को जारी किया नोटिस

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है

Updated: Nov-16, 2020, 04:07 PM IST

पत्रकार कप्पन को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, यूपी सरकार को जारी किया नोटिस
Photo Courtesy: Onmanorama

नई दिल्ली। केरल के पत्रकार कप्पन सिद्दकी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत नहीं दी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर यूपी सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।

चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (केयूडब्ल्यूजे) के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि आपने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया। वहीं कपिल सिब्बल ने कप्पन को जमानत दिए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि FIR में कप्पन का नाम तक नहीं है। उन पर किसी तरह के अपराध का आरोप नहीं है, फिर भी 5 अक्टूबर से जेल में हैं। जब हम कप्पन से मिलने की अनुमति मांगने के लिए मजिस्ट्रेट के पास गए, तो उन्होंने कहा कि जेल जाओ। पीठ ने कहा, हम नोटिस जारी करेंगे। इस मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध कर रहे हैं।’

इसे भी पढ़ें: पत्रकार कप्पन की जमानत पर SC में आज सुनवाई, परिवार ने पूछा क्या हमें भी न्याय मिलेगा

आपको बता दें, पांच अक्टूबर को यूपी पुलिस ने पत्रकार कप्पन सिद्दकी को उस वक्त गिरफ्तार किया था जब वह हाथरस में दलित लड़की के परिवार से मिलने उसके गांव जा रहे थे। उस वक्त पुलिस ने कप्पन और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। कप्पन पिछले 42 दिनों से जेल में बंद हैं। वह और उनका परिवार इंसाफ की आस में है। कप्पन की पत्नी का कहना है कि यह इंतजार काफी दर्दनाक है। उन्होंने आज सुनवाई से पहले यह भी कहा था कि जब मुझे पता चला कि अर्णब गोस्वामी को जमानत मिल गई है तो मैं यह सोचने पर मजबूर हो गई कि क्या मेरे पति को न्याय नहीं मिलेगा?